Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Himachal News: सीएम सुक्खू का बड़ा खुलासा, बीजेपी की ‘रणनीति’ और गारंटियों पर कह दी ये बड़ी बात

HP CM Sukhu Interview: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नगर निगम चुनावों, बढ़ती महंगाई और अपनी चुनावी गारंटियों पर राज्य सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा फंड रोकने और भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की।
Published on: 4 May 2026
Himachal News: सीएम सुक्खू का बड़ा खुलासा, बीजेपी की 'रणनीति' और गारंटियों पर कह दी बड़ी बात

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजधानी शिमला को लेकर एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया है। उन्होंने कहा कि शिमला नगर निगम प्रदेश की पहली ऐसी नगर निगम बनने जा रही है, जिसे पूरी तरह से इलेक्ट्रिक किया जाएगा। वर्तमान में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां इलेक्ट्रिक हो चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य पूरे बेड़े को पर्यावरण अनुकूल बनाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस कदम से न केवल प्रदेश के पर्यावरण को बचाया जा सकेगा, बल्कि डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण होने वाले भारी खर्च को भी कम किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने ‘ग्रीन हिमाचल’ की अपनी अवधारणा को दोहराते हुए कहा कि पहले बजट से ही उनकी सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। शहरी विकास मंत्रालय के साथ हुई चर्चा के बाद इस योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल और केरल के चुनावी परिणामों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस ने शानदार वापसी की है। वहीं, पश्चिम बंगाल में 20 साल बाद कांग्रेस ने सभी 294 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं, जो पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए सुक्खू ने कहा कि वहां टीएमसी का उदय कांग्रेस के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाकर हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बंगाल में ध्रुवीकरण (Polarization) और 15 साल की सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) का लाभ उठाया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस ने अगले 5 से 7 वर्षों के लिए वहां एक विशेष रणनीति बनाई है, जिससे आने वाले समय में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होगा।

केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपने ‘हथियार’ और ‘कार्यकर्ता’ के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए ‘साम-दाम-दंड-भेद’ का सहारा लिया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

मुख्यमंत्री ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान हिमाचल में हुए वोटिंग प्रतिशत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस का वोटिंग शेयर काफी गिर गया था, जो ऐतिहासिक रूप से सामान्य नहीं था। सुक्खू ने बताया कि उन्होंने उस समय भी ईवीएम (EVM) को लेकर आशंका जताई थी, लेकिन तब लोगों ने विश्वास नहीं किया था। उन्होंने कहा कि अचानक वोट प्रतिशत में आया ऐसा उछाल शंका पैदा करता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

हिमाचल प्रदेश की अपनी 10 गारंटियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी वादे पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्राइबल बेल्ट की सभी महिलाओं को 1500 रुपये मिलना शुरू हो गया है। दूसरे चरण में कुपवी और रोहड़ू जैसे पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं को शामिल किया गया है। अगले चरण में एक लाख अति निर्धन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को 1500 रुपये देने की योजना है। उन्होंने साफ किया कि यह लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनकी आय दो लाख रुपये से कम है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर बोलते हुए सुक्खू ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर दिए हैं। उन्होंने पुलिस भर्ती मामले और अधिकारियों के बीच चल रही आपसी खींचतान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह इन आरोपों-प्रत्यारोपों को गंभीरता से ले रहे हैं क्योंकि इससे यह पता चल रहा है कि जनता का पैसा कहां लीक हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन्होंने भी अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यद्यपि पंचायत और नगर निगम के चुनाव दलीय राजनीति से अलग हटकर होते हैं, लेकिन ये किसी भी राजनीतिक दल के लिए एक महत्वपूर्ण पैमाना होते हैं। उन्होंने मंडी और पालमपुर नगर निगम चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के बीच सरकार की नीतियों की परख इन्हीं चुनावों के माध्यम से होती है।

मुख्यमंत्री ने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि आज गैस सिलेंडर की कीमतों में एक हजार रुपये की वृद्धि कर दी गई है। उन्होंने ग्रामीण और शहरी जीवन के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि गांवों में लोग चूल्हे और लकड़ी का इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन शहरों में रहने वाले लोग पूरी तरह गैस पर निर्भर हैं। सुक्खू ने सवाल उठाया कि क्या मंडी और पालमपुर की जनता सिलेंडर की इस भारी कीमत को देखकर वोट डालेगी या नहीं।

चुनावी गारंटियों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 में से अधिकांश गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ट्राइबल बेल्ट में महिलाओं को 1500 रुपये मिलना शुरू हो गए हैं। दूसरे चरण में कुपवी और डोडरा क्वार जैसे पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है। तीसरे चरण में एक लाख अति निर्धन परिवारों को चुना गया है, जिन्हें न केवल 1500 रुपये मिलेंगे, बल्कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली का भी लाभ दिया जाएगा।

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूछ रहे हैं कि सबको पैसा क्यों नहीं मिला। सुक्खू ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह भाजपा विधायकों की पत्नियों या संपन्न परिवारों को यह राशि नहीं दे सकते। यह सहायता केवल उन महिलाओं के लिए है जिनकी पारिवारिक आय 2 लाख रुपये से कम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार के कार्यकाल के शेष 16 महीनों में पात्र महिलाओं के लिए लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

राज्य की आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हिमाचल की ‘आरडीजी’ (रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट) को बंद करने की योजना बनाई है, जिससे राज्य को 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। साथ ही, ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) लागू करने के कारण राज्य की 1600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर्ज सीमा (Additional Borrowing) पर भी रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि यह पैसा नहीं रुकता, तो गारंटियां और तेजी से पूरी होतीं।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराई। पुलिस भर्ती मामले और हाल ही में वायरल हुए सीबीआई से संबंधित पत्रों पर उन्होंने कहा कि अधिकारियों की आपसी लड़ाई से भ्रष्टाचार के “चोर दरवाजे” उजागर हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने ‘हिमकेयर’ योजना में हुई अनियमितताओं और कुछ विधायकों की अकूत संपत्ति की जांच के भी संकेत दिए।

शिक्षा विभाग में शिक्षकों के टेस्ट को लेकर उड़ी अफवाहों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने उन खबरों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि 800 शिक्षक फेल हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई पास-फेल का परिणाम नहीं था, बल्कि एक ग्रेडिंग सिस्टम था। शिक्षकों की मेरिट और चॉइस के आधार पर उन्हें स्टेशन आवंटित किए जाने हैं। अंत में, शिक्षण संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियों पर उन्होंने कहा कि वह इन चुनौतियों से डरने वाले नहीं हैं और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है।

अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मौजूदा विधायकों की संपत्ति में काफी वृद्धि हुई है। मुझे इसकी जानकारी मिली है, और आने वाले समय में हम इसकी भी जाँच करेंगे। वहीं, स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी पर उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर ऐसी धमकियाँ मिलती रहती हैं, लेकिन सरकार किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Himachal ElectionsHimachal Newshimachal news cm sukhuHimachal News TodayHP CM Sukhu Interview

Join WhatsApp

Join Now