IMD Weather Update Today: देशभर में भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच मौसम ने अचानक अपनी चाल बदल ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत सहित देश के कम से कम 13 राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। आगामी 10 से 12 मई के बीच एक सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण तेज बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में बारिश का सिलसिला पहले से ही जारी है, जो आने वाले दिनों में और तीव्र होने की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी केवल हल्की बूंदाबांदी तक सीमित नहीं है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होगी।
दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले 6 से 7 दिनों तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इन इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि आंधी की तीव्रता सामान्य से अधिक रहने वाली है। पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों के लिए भी स्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। IMD ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।
वहीं, बिहार, विदर्भ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की प्रबल संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल में 9 मई को स्थिति गंभीर हो सकती है, जहां 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में बिजली गिरने (Lightning) का खतरा बना रहेगा, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका जताई गई है।
राजधानी दिल्ली और एनसीआर के मौसम की बात करें तो यहां फिलहाल गर्मी का प्रभाव बढ़ने लगा है। आज 7 मई से तापमान में क्रमिक वृद्धि देखी जा रही है और शुक्रवार तक पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है। हालांकि, स्काईमेट (Skymet) के अनुसार 10 मई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो सकता है। फिलहाल 15 मई तक दिल्ली में लू (Heatwave) चलने की कोई संभावना नहीं है, जो दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ी राहत है। गुरुवार को दिल्ली-NCR में मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश में मौसम ने पूरी तरह से ‘यूटर्न’ ले लिया है। कानपुर सहित राज्य के कई पश्चिमी और मध्य जिलों में सुबह से ही तूफानी बारिश की खबरें आ रही हैं। मौसम विभाग ने 7 मई को लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और मेरठ जैसे बड़े शहरों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है। शाम के समय इन इलाकों में बूंदाबांदी होने से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
बिहार के लिए भी मौसम विभाग का अनुमान चिंताजनक है। पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में 7 से 10 मई के बीच भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। हालांकि बारिश से पहले उमस लोगों को परेशान करेगी, लेकिन बाद में पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी।
राजस्थान में विरोधाभासी स्थितियां देखने को मिलेंगी। जहां पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर और बीकानेर जैसे जिलों में 9 से 11 मई के बीच लू का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे पारा काफी ऊपर जाने की संभावना है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का हाल
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में 7 और 8 मई को मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इन दो दिनों में राज्य के पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। जहाँ एक ओर देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चमोली जैसे जिलों में बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मौसम सुहावना बना रहेगा, वहीं मैदानी इलाकों के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे वहां हल्की गर्मी का अहसास होगा।
दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश में भी पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर दिखने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो 7 से 12 मई के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदला रहेगा, जिसका मुख्य प्रभाव 11 और 12 मई को देखने को मिल सकता है। इस दौरान शिमला, मनाली, धर्मशाला और सोलन जैसे क्षेत्रों में बादल छाए रहने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट महसूस होगी।
















