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VB G RAM G Act: 1 जुलाई से खत्म हो जाएगा मनरेगा, मोदी सरकार का सबसे बड़ा ऐलान

MGNREGA Replacement 2026: केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह नया 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' कानून लाने की अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे ग्रामीण रोजगार की पूरी व्यवस्था बदल जाएगी।
VB G RAM G Act: 1 जुलाई से खत्म हो जाएगा मनरेगा, मोदी सरकार का सबसे बड़ा ऐलान

VB G RAM G Act: केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत में रोजगार की व्यवस्था को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार आगामी 1 जुलाई से देश भर में नया ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ यानी VB G RAM G Act लागू करने जा रही है। यह नया कानून दशकों से चली आ रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का स्थान लेगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर बदलाव की प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है।

जानकारी के मुताबिक ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, नया VB G RAM G Act 1 जुलाई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ प्रभावी होगा। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य इस कानून के माध्यम से गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ बनाना है। मंत्रालय का दावा है कि इस नए ढांचे से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और विकास की गति तेज होगी।

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बता दें कि सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नया कानून लागू होते ही वर्ष 2005 से प्रभावी मनरेगा (MGNREGA) अधिनियम समाप्त हो जाएगा। हालांकि, इस बड़े बदलाव के बीच सरकार ने ग्रामीण मजदूरों के हितों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि 30 जून तक मनरेगा के तहत चल रहे सभी पुराने प्रोजेक्ट्स को रोका नहीं जाएगा। वे सभी कार्य नए सिस्टम के तहत निरंतर जारी रहेंगे ताकि किसी भी श्रमिक को रोजगार के संकट का सामना न करना पड़े।

उल्लेखनीय है कि जॉब कार्ड की वैधता को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ की है। वर्तमान में जिन श्रमिकों के पास मनरेगा जॉब कार्ड हैं और जिनका e-KYC सत्यापन पूरा हो चुका है, वे कार्ड फिलहाल मान्य रहेंगे। जब तक सरकार नए ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी नहीं करती, तब तक पुराने कार्डों के आधार पर ही काम दिया जाएगा। एक महत्वपूर्ण राहत यह भी दी गई है कि जिन मजदूरों का e-KYC अभी लंबित है, उन्हें भी रोजगार देने से इनकार नहीं किया जाएगा।

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नए कानून के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया पहले की तरह ही विकेंद्रीकृत रखी गई है। जिन ग्रामीणों के पास अभी तक जॉब कार्ड नहीं हैं, वे अपना पंजीकरण पूर्व की भांति ग्राम पंचायत स्तर पर करा सकेंगे। सरकार ने ग्राम पंचायतों को ग्रामीण परिवर्तन का मुख्य आधार माना है। पंचायतों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी पात्र श्रमिक इस नई व्यवस्था में रोजगार के अवसर से वंचित न रह जाए।

उल्लेखनीय है कि मजदूरी के भुगतान, शिकायतों के निवारण और फंड आवंटन जैसे संवेदनशील विषयों पर सरकार वर्तमान में नए नियम तैयार कर रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विस्तृत चर्चा करेगा। इन प्रस्तावित नियमों को बाद में सार्वजनिक किया जाएगा ताकि जनता और संबंधित पक्ष अपनी राय दे सकें। सरकार का मानना है कि यह बदलाव ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

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