Himachal Municipal Election: हिमाचल प्रदेश में नगर निगम के चुनावी रण में अब राजनीतिक पारा अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। धर्मशाला, पालमपुर, सोलन में अपनी साख बचाने के अलावा और भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ मंडी को ढहाने के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल तक ने खुद मोर्चा संभाल लिया है, जिससे यह चुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ गया है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने ‘मिशन मंडी’ के लिए अपनी रणनीतिक घेराबंदी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सुक्खू खुद विभिन्न वार्डों में जनसभाओं के माध्यम से मतदाताओं को कांग्रेस की नीतियों और सरकार की उपलब्धियों से रूबरू करवा रहे हैं। वहीं, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ-साथ वार्डों के समीकरण साधने में जुटी रहीं। पार्टी का मानना है कि मंडी में जीत से प्रदेश भर में एक बड़ा राजनीतिक संदेश जाएगा। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में भाजपा ने 15 में से 11 सीटों पर ऐतिहासिक विजय हासिल की थी।
इन दिग्गजों ने संभाला मोर्चा
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर के साथ मिलकर बुधवार को मंडी में प्रचार कि कमान संभाली। दोनों नेताओं ने घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया और भाजपा के विकास के दावों पर कड़े सवाल खड़े किए। विक्रमादित्य सिंह ने दावा किया कि मंडी का वास्तविक विकास केवल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही संभव है। वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर के अनुभव और विक्रमादित्य सिंह के युवा जोश के मेल ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा किया है।
मंत्रियों और विधायकों का डेरा
मंडी के साथ-साथ सोलन में भी चुनावी अभियान को धार देने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कमान संभाली हुई है। प्रदेश भर से कांग्रेस विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मंडी, पालमपुर, सोलन और धर्मशाला में डेरा डाले हुए हैं। प्रत्येक वार्ड में अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस प्रत्याशी स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ सरकार की जनहितकारी योजनाओं को हथियार बना रहे हैं।
बागियों ने बढ़ाई दोनों दलों की मुश्किलें
गौरतलब है कि इस चुनाव में बागी उम्मीदवार कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। प्रदेश के चार नगर निगमों में भाजपा और कांग्रेस के कुल 16 बागी प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हैं। इनमें भाजपा के 10 और कांग्रेस के 6 बागी शामिल हैं। सोलन नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस के दो-दो बागी हैं, जबकि धर्मशाला में भाजपा के दो बागी मैदान में हैं। मंडी नगर निगम की बात करें तो कुल 14 निर्दलीय प्रत्याशियों में से 6 भाजपा और 4 कांग्रेस के बागी हैं।
चुनावी गणित और सामाजिक समीकरण
हिमाचल प्रदेश के इन चार नगर निगम चुनावों धर्मशाला, पालमपुर, सोलन और मंडी में अमीर और मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ महिलाओं का दबदबा साफ नजर आ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, सोलन में 42 प्रत्याशी मैदान में हैं, पालमपुर में 34 और धर्मशाला में 54 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। मंडी में भाजपा और कांग्रेस के 28 प्रत्याशी मैदान में हैं, हालांकि वार्ड नंबर 14 में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया है।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश के 51 शहरी निकायों में चुनाव होने हैं, जिसमें 4 नगर निगम, 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायत शामिल हैं। 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा। नगर पंचायत और नगर परिषद की मतगणना उसी दिन हो जाएगी, जबकि नगर निगमों के नतीजे 31 मई को घोषित किए जाएंगे।
यह चुनाव सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के लिए एक बड़ा ‘सियासी टेस्ट’ माना जा रहा है, क्योंकि दिसंबर 2022 में सत्ता में आने के बाद उपचुनाव में तो पार्टी ने अपनी साख बचा ली थी लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी को बड़ा झटका लगा था, सभी सीटों पर बीजेपी ने अपना कब्ज़ा किया था। बता दें कि निर्वाचन आयुक्त के अनुसार इस बार नगर निकाय चुनाव में 1,80,963 पुरुष और 1,79,882 महिला मतदाता मतदान करेंगे। जिसमे से 1808 मतदाता पहली बार मतदान करेंगे।
















