Himachal Nikay Chunav 2026: हिमाचल प्रदेश में स्थानीय लोकतंत्र के महापर्व का सबसे महत्वपूर्ण चरण अब करीब आ गया है। प्रदेश के चार प्रमुख नगर निगमों सहित कुल 51 शहरी निकायों के चुनाव के लिए चल रहा शोर-शराबा और धुआंधार जनसंपर्क अभियान आज समाप्त हो जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने 17 मई को होने वाले मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए अपनी सभी प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
बता दें कि धर्मशाला, सोलन, मंडी और पालमपुर नगर निगम क्षेत्रों में होने वाले इस मतदान को लेकर पूरे प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। आज शाम चुनाव प्रचार की समय सीमा समाप्त होते ही बाहरी क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी क्षेत्र छोड़ना होगा। इसके तुरंत बाद सभी पोलिंग पार्टियां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और अन्य आवश्यक चुनाव सामग्री के साथ अपने निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो जाएंगी। जिला प्रशासन द्वारा चुनाव ड्यूटी पर तैनात करीब 15,000 कर्मियों को पहले ही गहन प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
उधर, निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पेयजल और सुचारू संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए चारों नगर निगम क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। विशेष रूप से चिन्हित संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है। मतदान की शुचिता बनाए रखने के लिए वोटिंग से 48 घंटे पहले शराब के ठेके पूरी तरह बंद रखने के आदेश लागू हो गए हैं।
मतदान की समय सारिणी के अनुसार, 17 मई को सुबह से ही वोटिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मतदाता दोपहर 3 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय समाप्त होने पर भी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लगी रहती है, तो वहां मौजूद सभी लोगों को वोट डालने का अवसर दिया जाएगा। नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम उसी दिन शाम तक घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि चार बड़े नगर निगमों के परिणामों के लिए 31 मई तक का इंतजार करना होगा।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों की बात करें तो इस शहरी निकाय चुनाव में कुल 3,60,859 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। इनमें 1,80,963 पुरुष और 1,79,882 महिला मतदाता शामिल हैं, जबकि 14 अन्य श्रेणी के मतदाता भी पंजीकृत हैं। इस बार के चुनाव में 1,808 युवा मतदाता पहली बार वोट डालकर स्थानीय विकास की प्रक्रिया में अपनी भागीदारी दर्ज करेंगे। आयोग ने मतदान के लिए कुल 589 पोलिंग स्टेशन स्थापित किए हैं।
उल्लेखनीय है हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में कुल 449 पदों के लिए यह मतदान प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए पदों का आरक्षण भी तय किया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति के लिए 89, अनुसूचित जनजाति के लिए 12 और महिलाओं के लिए 195 पद आरक्षित हैं। मतदाताओं को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, बैंक पासबुक या छात्र पहचान पत्र सहित आयोग द्वारा मान्य 16 प्रकार के दस्तावेजों में से किसी एक को साथ लाना अनिवार्य होगा।
दूसरी तरफ, पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर भी प्रक्रिया तेज है। शुक्रवार को नाम वापस लेने का अंतिम दिन है, जिसके बाद शेष बचे उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधान, उपप्रधान और जिला परिषद सदस्यों के पदों के लिए अब गठबंधन और समीकरण साधने का दौर अंतिम दौर में पहुंच गया है।

















