Mustard Oil Price Cut: हिमाचल प्रदेश के लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब सरकारी डिपुओं में मिलने वाला सरसों का तेल खुले बाजार की तुलना में करीब 60 रुपए तक सस्ता मिलेगा। प्रदेश सरकार ने खाद्य तेल की नई सप्लाई व्यवस्था के तहत अदाणी समूह की कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है।
जानकारी के अनुसार खाद्य तेल की खरीद के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में अदाणी समूह की कंपनी की बोली सबसे कम पाई गई। इसके बाद कंपनी को सरकारी डिपुओं में खाद्य तेल सप्लाई करने का काम दिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 19 लाख राशन कार्ड धारकों को सीधा फायदा मिलेगा।
प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हर महीने राशन कार्ड धारकों को दो लीटर खाद्य तेल उपलब्ध करवाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब डिपुओं में सरसों का तेल करीब 160 रुपए प्रति लीटर की दर से मिलेगा, जबकि खुले बाजार में इसकी कीमत 220 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। ऐसे में उपभोक्ताओं को प्रति लीटर लगभग 60 रुपए तक की राहत मिलेगी।
हिमाचल में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से हजारों राशन डिपुओं के जरिए लोगों तक राशन पहुंचाया जाता है। सरकार पहले से ही लोगों को सस्ती दरों पर सरसों का तेल उपलब्ध करवा रही है, लेकिन बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों के बीच यह नई व्यवस्था आम लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश सरकार का मानना है कि डिपुओं के माध्यम से सस्ता खाद्य तेल उपलब्ध होने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बढ़ती महंगाई का असर कुछ कम होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के डिपुओं में तेल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
वहीं, रिफाइंड तेल का पर्याप्त स्टॉक फिलहाल खाद्य आपूर्ति निगम के गोदामों में उपलब्ध बताया गया है। हिमाचल प्रदेश में करीब साढ़े 19 लाख राशन कार्ड परिवार हैं, जिन्हें डिपुओं के माध्यम से मलका, माश और चना दाल, दो लीटर तेल, चीनी और एक किलो नमक सब्सिडी पर दिया जा रहा है।
इसके अलावा गेहूं और चावल केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध करवाए जाते हैं, जबकि प्रदेश सरकार गेहूं का आटा उपलब्ध करवा रही है। खाद्य आपूर्ति निगम की ओर से बताया गया है कि सरसों तेल के टेंडर को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही सप्लाई ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।

















