Maruti Suzuki Price Hike 2026: देश की सबसे बड़ी कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी ने नया वाहन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। ऑटोमोबाइल कंपनी ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि आगामी अगस्त 2026 से उसके सभी मॉडल की कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गाड़ियों की एक्स-शोरूम कीमतों में अधिकतम 30,000 रुपये तक का इजाफा देखने को मिल सकता है। इस फैसले से छोटी गाड़ियों से लेकर प्रीमियम सेगमेंट के वाहनों की खरीदारी करने वाले ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।

अगस्त से लागू होंगी नई दरें
मारुति सुजुकी ने स्पष्ट किया है कि गाड़ियों की संशोधित दरें अगस्त 2026 से प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएंगी। कंपनी का कहना है कि उसके पोर्टफोलियो में शामिल सभी मॉडल इस मूल्य वृद्धि के दायरे में आएंगे। हालांकि, हर कार की कीमत में एक समान बढ़ोतरी नहीं देखने को मिलेगी।
अलग-अलग मॉडल, वैरिएंट और सेगमेंट के आधार पर कीमतों में बदलाव का खाका अलग से तय किया जाएगा। ऐसे में जो ग्राहक आने वाले दिनों में नई मारुति कार घर लाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले ज्यादा बजट निर्धारित करना होगा।
30,000 रुपये तक बढ़ेगी गाड़ियों की कीमत
कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार, विभिन्न मॉडल की कीमतों में अधिकतम 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। यह इजाफा पूरी तरह से कार के मॉडल और उसके संबंधित वैरिएंट की श्रेणी पर निर्भर करेगा।
शुरुआती और छोटे एंट्री-लेवल मॉडल से लेकर प्रीमियम एसयूवी (SUV) सेगमेंट तक की सभी गाड़ियां इस फैसले से प्रभावित होंगी। फिलहाल मारुति सुजुकी ने मॉडल-वार नई कीमतों की विस्तृत सूची और आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया है, जो जल्द ही साझा किए जाने की संभावना है।
इनपुट लागत में बढ़ोतरी का पड़ा असर
मूल्य वृद्धि के पीछे के कारणों पर रोशनी डालते हुए मारुति सुजुकी ने बताया कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और अन्य इनपुट लागत में लगातार हो रहा इजाफा इस फैसले की मुख्य वजह है। पिछले कई महीनों से कंपनी आंतरिक स्तर पर लागत को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न कदम उठा रही थी।
इसके बावजूद बाजार में लगातार बनी हुई महंगाई और इनपुट कॉस्ट के अत्यधिक दबाव के कारण कंपनी के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा। नतीजतन, वाहन निर्माण की बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
ग्राहकों पर न्यूनतम बोझ डालने का प्रयास
कंपनी ने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि उसका उद्देश्य अपने ग्राहकों पर मूल्य वृद्धि का अनुचित प्रभाव न पड़ने देना है। यही कारण है कि बढ़ती लागत का पूरा बोझ ग्राहकों के कंधों पर डालने के बजाय, उसका केवल एक सीमित हिस्सा ही नई कीमतों में जोड़ा जा रहा है।
मारुति सुजुकी लगातार आंतरिक स्तर पर विनिर्माण लागत घटाने के विभिन्न उपायों पर काम कर रही है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि उसका निरंतर प्रयास यही रहेगा कि इस मूल्य संशोधन का प्रभाव आम ग्राहकों पर कम से कम पड़े।


















