MLA Fund Controversy: देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह से जुड़े विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग मामले में विजिलेंस ने अपनी जांच तेज कर दी है। विजिलेंस थाना धर्मशाला में दर्ज प्राथमिकी के तहत कुल 16 लाभार्थियों में से अब तक 7 लाभार्थियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। ये सभी लाभार्थी देहरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित हैं और पूर्व विधायक की कंपनी में कार्यरत बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी शेष लाभार्थियों के बयान दर्ज करने और संबंधित दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। प्रक्रिया समाप्त होने के बाद पूर्व विधायक होशियार सिंह को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। दूसरी ओर, फिलहाल विदेश में मौजूद पूर्व विधायक होशियार सिंह ने एक वीडियो जारी कर सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और साजिश करार दिया है।

उन्होंने कहा कि उनके परिवार के भीतर चल रहे कारोबारी विवाद को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। होशियार सिंह के अनुसार, उनके भाई और भतीजे ने कर्मचारियों को डरा-धमकाकर विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आरोप सही थे तो तीन साल बाद शिकायत क्यों दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि वह विदेश से लौटने के बाद सभी 16 लाभार्थियों के साथ स्वयं एसपी कार्यालय जाने को तैयार हैं।
होशियार सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उनके एक भाई ने कारोबार में 15 करोड़ रुपये का गबन किया है, जिसका मामला अदालत में विचाराधीन है और इसी विवाद के चलते उनके खिलाफ यह साजिश रची गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐच्छिक निधि से पैसा वापस लिए जाने के आरोप गलत हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में हजारों लोगों को सहायता दिलाई है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पर लगे पुराने मामलों का हवाला देते हुए सवाल किया कि विजिलेंस ने उन मामलों में जांच क्यों नहीं की।
समर्थन में उतरे बीजेपी विधायक
इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी पूर्व विधायक के बचाव में उतर आई है और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी और हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा सहित कई कार्यकर्ताओं पर विभिन्न मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
वहीं भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने भी विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि विधायक ऐच्छिक निधि का उद्देश्य जनहित के कार्य करना होता है और सभी विधायक इसी प्रक्रिया के तहत राशि जारी करते हैं। सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा बांटी गई राशि को लेकर पैदा हुए विवाद से सरकार बौखला गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि होशियार सिंह द्वारा मुख्यमंत्री की पत्नी एवं देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत से ध्यान भटकाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है।
क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि विजिलेंस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वर्ष 2023-24 के दौरान विधायक ऐच्छिक निधि से लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि जमा की गई थी। आरोप है कि कर्मचारियों के खातों में वर्ष 2023 में छह लाख रुपये और वर्ष 2024 में सात लाख रुपये जमा करवाए गए, जिसे बाद में पूर्व विधायक के कहने पर वापस ले लिया गया। इस मामले की शुरुआत पति-पत्नी (दो कर्मचारियों) की शिकायत से हुई थी, जिसके बाद जांच आगे बढ़ने पर 14 अन्य नाम सामने आए। हालांकि, मामले की जांच कर रहे अधिकारी इस पर आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रहे हैं।


















