Kangra Disha Meeting: धर्मशाला में कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा के विस्तार और विभिन्न केंद्रीय तथा राज्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान संस्थान के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप ने संस्थान के आगामी विस्तार योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक और नए बैचों के विस्तार के लिए आवश्यक 78 कनाल जमीन की पैमाइश का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस जमीन के अधिग्रहण से जुड़ा औपचारिक मामला पहले ही राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। गौरतलब है कि इस परियोजना की अनुमानित लागत तीन साल पहले लगभग 78 करोड़ रुपए आंकी गई थी।
प्रिंसिपल ने आगे बताया कि आगामी नए शैक्षणिक सत्र से संस्थान में कई नए पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहे हैं। इनमें बीएससी नर्सिंग की 100 सीटें, पैरामेडिकल के तहत एमएलटी, ओटी, रेडियोलॉजी और रेडियोथेरेपी की कुल 200 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से पोस्ट ग्रेजुएट यानी पीजी की 60 से 70 सीटें भी शुरू की जा रही हैं। इन नए पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए कम से कम 1500 विद्यार्थियों की क्षमता वाले हॉस्टल और बड़े स्तर पर कैंपस के विस्तार की तत्काल आवश्यकता है।
स्वास्थ्य योजनाओं पर बात करते हुए प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि वेंडरों की पुरानी देनदारियों के कारण हिमकेयर योजना में कुछ समय के लिए रुकावट अवश्य आई थी। हालांकि, पिछले 10 दिनों से यह स्वास्थ्य योजना पूरी तरह से बहाल कर दी गई है। वेंडरों के 40 से 80 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का निपटारा चरणबद्ध तरीके से धीरे-धीरे किया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
अस्पताल की कार्यप्रणाली और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मानव संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। अस्पताल में हाल ही में 160 नई नर्सों ने अपना कार्यभार संभाल लिया है, जबकि शेष 320 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अभी तेजी से चल रही है। इसके अलावा, मदर एंड चाइल्ड विंग की नई बिल्डिंग बनकर पूरी तरह तैयार है। इस विंग में आवश्यक और आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए सरकार से 3 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है।
टांडा मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां भी हासिल की हैं। संस्थान में अब तक कुल 245 सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। इसके साथ ही 25 से अधिक सफल रीनल ट्रांसप्लांट यानी गुर्दा प्रत्यारोपण किए गए हैं, जिनकी सफलता दर 95 प्रतिशत दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, हिमाचल प्रदेश में पहली बार इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी तकनीक के अंतर्गत वेरिकोज वेन का लेजर एब्लेशन भी पूरी तरह सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
दिशा बैठक में सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने की विकास योजनाओं की समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने प्रशासनिक और विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना यानी सांसद निधि के तहत किए गए सभी कार्यों को तुरंत आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने नाराजगी जताई कि धरातल पर विकास कार्य 80 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं, जबकि ऑनलाइन पोर्टल पर यह केवल 44 प्रतिशत ही प्रदर्शित हो रहे हैं।
सांसद ने टांडा मेडिकल कॉलेज के लंबित विस्तार के मामले को उच्च स्तर पर प्रभावी ढंग से हल करवाने का पूरा भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जितनी तत्परता से सांसद निधि के कार्य जमीन पर उतारे गए हैं, उतनी ही तेजी से उन्हें केंद्र सरकार के डिजिटल पोर्टल पर भी अपडेट किया जाना चाहिए। डॉ. भारद्वाज ने रेखांकित किया कि हमारी वास्तविक कार्यकुशलता धरातल पर 80 प्रतिशत से भी अधिक है, और पोर्टल पर दिख रहा 44 प्रतिशत आंकड़ा भी हालांकि प्रदेश में सबसे बेहतर है, फिर भी सभी विकास कार्यों की सटीक डिजिटल एंट्री हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।
एनएचएआई को शाहपुर, नागाबाड़ी ब्लैक स्पॉट तुरंत ठीक करने के निर्देश।
इसके अलावा सांसद ने एनएचएआई के अधिकारियों को शाहपुर बस अड्डे के पास बन रहे ब्लैक स्पॉट को जल्द दूर करने के लिए कहा। पिछली बैठक में भी निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक इसे दूर नहीं किया जा सका है। मेरे डीओ की जरूरत है तो वह दे देता हूं। इसी तरह का ब्लैक स्पॉट नागाबाड़ी को भी ठीक करवाओ। एनएचएआई से जवाब न आने पर सांसद ने कहा कि बैठक में अपडेट होकर आएं यह बैठक सिर्फ चाय पीने वाली बैठक नहीं है। इसमें निर्णय करना है।
32 मील जंक्शन सहित अन्य चौराहों में हाई मास्ट लाइट लगाएं
सांसद ने 32 मील जंक्शन के अंधेरे का सवाल उठाते हुए भंडवार व अन्य जंक्शन पर एनएचएआइ को हाई मास्ट लाइट लगाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिन में यह प्रोग्रेस दिखनी चाहिए। मैक्लोडगंज-मटौर एनएच में गड्ढों सहित जसूर सीवरेज का मामला भी उठा। उन्होंने कहा कि एनएचएआइ ने ठानपुरी जंक्शन में पौधारोपण करवाया था। इस समय उस जगह की हालत बदहाल है। उन्होंने एसडीएम नगरोटा बगवां को इसका दौरा करने को कहा। बैठक में स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।


















