Shimla Lakkad Bazar Vendors Dispute: राजधानी शिमला के ऐतिहासिक लक्कड़ बाजार में सड़क किनारे अवैध रूप से दोबारा बैठे स्ट्रीट वेंडरों को लेकर स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। मंगलवार को व्यापारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बाजार को पूरी तरह बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए।
उनका कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद तहबाजारी फिर से उसी स्थान पर दुकानें सजाकर बैठ गए हैं, जिससे न सिर्फ कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी बाधित हो रही है। गुस्साए व्यापारियों का कहना है कि लक्कड़ बाजार शहर के प्रमुख हेरिटेज क्षेत्रों में शामिल है. सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगने से बाजार की व्यवस्था के साथ इसकी ऐतिहासिक पहचान भी प्रभावित हो रही है
कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप
गौरतलब है कि हिमाचल हाईकोर्ट के निर्देश पर नगर निगम शिमला ने कुछ समय पहले लक्कड़ बाजार से अवैध रूप से बैठे तहबाजारियों को हटा दिया था। हालांकि, सोमवार को सीटू के बैनर तले बड़ी संख्या में वेंडर फिर से बाजार में पहुंचे और सड़क किनारे सामान बिछाकर बैठ गए। इसके बाद स्थानीय दुकानदारों ने इसका कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस ने शांत कराया।
व्यापारियों की नाराजगी
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि “जब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि लक्कड़ बाजार नो वेंडर जोन है, तो फिर तहबाजारियों को यहां बैठने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है? स्कूल के पास भी वेंडर नहीं बैठ सकते, लेकिन यहां तो स्कूल के गेट तक को बदलना पड़ा। यह सीधे तौर पर अदालत के आदेश की अवहेलना है।”
‘दुकानें तभी खुलेंगी, जब मांगें मानी जाएंगी’
व्यापारियों का साफ कहना है कि जब तक प्रशासन तहबाजारियों को वहां से नहीं हटाता, उनका धरना और बाजार बंदी जारी रहेगी। उनका तर्क है कि हेरिटेज जोन में स्ट्रीट वेंडरों का बैठना न सिर्फ अवैध है, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को भी नुकसान पहुंचा रहा है। कई बार जब नगर निगम की टीम उन्हें हटाने पहुंची तो उन्हें दुर्व्यवहार का सामना भी करना पड़ा।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
गुस्साए व्यापारियों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि जल्द ही तहबाजारियों को वहां से नहीं हटाया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम करने की भी चेतावनी दी है। उनकी मांग है कि वेंडरों को निर्धारित स्ट्रीट वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया जाए और कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।


















