Shimla Firing Incident: शिमला जिले के चिड़गांव थाना क्षेत्र में आस्था के नाम पर किया गया हथियारों का प्रदर्शन एक 26 वर्षीय महिला के लिए जानलेवा साबित हुआ। यह घटना तब हुई जब गांव कुलगांव, तहसील चिड़गांव में नव-निर्मित मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन किया जा रहा था। इस धार्मिक समारोह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्रित हुए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोग उत्सव मना रहे थे। इसी बीच, समारोह में हर्ष फायरिंग का दौर शुरू हुआ। नाच-गाने और शोर-शराबे के माहौल में अचानक चली गोली सीधे रितिका नामक महिला को जा लगी। रितिका गांव आंध्रा, तहसील चिड़गांव की रहने वाली थी। गोली लगने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और बाद में उसकी मृत्यु हो गई।
इस खूनी खेल के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया था, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया। पुलिस ने साक्ष्य संकलन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी थी।
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। साथ ही, घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
वहीं पुलिस ने चिड़गांव थाने में मामला दर्ज कर लिया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में अभियोग संख्या 36/2026, धारा 103(1) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और धारा 25 भारतीय शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों और हथियार के लाइसेंस संबंधी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर काफी शोक और रोष का माहौल है। इस हृदयविदारक घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों में हथियारों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना से यह पता चलता है कि कैसे आस्था के नाम पर हथियारों का प्रदर्शन भारी पड़ सकता है , शुभ कारज किसी के घर में मातम का कारण बन सकता है।
















