Baddi Industrial Area Fire: हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के तहत आने वाले झाड़माजरी में मंगलवार तड़के एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहां स्थित एक उद्योग में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की गगनचुंबी लपटों ने कुछ ही समय में उद्योग के एक बहुत बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए गए।
अग्निशमन विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड की सूचना सुबह ठीक 4:09 बजे विभाग के कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई थी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग ने बिना कोई समय गंवाए त्वरित कार्रवाई अमल में लाई। सूचना मिलने के मात्र 8 मिनट के भीतर दमकल की पांच गाड़ियां और 15 प्रशिक्षित कर्मचारी सीधे घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचते ही दमकल कर्मियों ने आग की भयावहता को भांपते हुए तुरंत उसे नियंत्रित करने का कार्य शुरू किया।
दमकल विभाग के कर्मचारियों को आग पर काबू पाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। कई घंटों की लगातार मशक्कत के बाद आखिरकार दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। अग्निशमन विभाग के मुस्तैद कर्मचारियों ने अपनी सूझबूझ से आग की लपटों को आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक फैलने से रोक दिया। अगर आग पास के दूसरे उद्योगों में फैल जाती, तो यह हादसा और भी ज्यादा गंभीर रूप ले सकता था।
इस हादसे में उद्योग को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। कंपनी के जनरल मैनेजर नीरज त्यागी ने घटना के बाद नुकसान का ब्योरा साझा किया है। उन्होंने बताया कि इस भीषण आग की चपेट में आने से कंपनी के भीतर स्थापित कीमती ऑटोमेटिक पॉलिशिंग मशीन, प्लेटिंग प्लांट, लेजर मशीन और प्रिंटिंग मशीनें पूरी तरह जल गई हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण टेस्टिंग उपकरण, भारी मात्रा में गोदाम में रखा कच्चा माल और बाजार में भेजने के लिए तैयार उत्पाद पूरी तरह से जलकर राख हो गए हैं। कंपनी प्रबंधन ने दावा किया है कि इस अग्निकांड से उन्हें लगभग 5 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ है।
दूसरी ओर, बद्दी के फायर ऑफिसर हेम राज ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए आसपास के उद्योगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। उनकी इस त्वरित कार्रवाई के कारण पड़ोस की फैक्ट्रियों में आग नहीं पहुंच सकी, जिससे लगभग 2 करोड़ रुपये की औद्योगिक संपत्ति को सुरक्षित बचा लिया गया।
राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। फायर ऑफिसर ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री के किसी भी कर्मचारी या श्रमिक के घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण की गहनता से जांच की जा रही है ताकि वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।

















