Solan News: देश की परीक्षा प्रणाली में बार-बार लग रहे ‘पेपर लीक’ के दाग और युवाओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ के विरोध में आज हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर में जन-आक्रोश फूट पड़ा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 19 दिनों से अनशन पर बैठे देश के जाने-माने पर्यावरणविद व वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए आज सोलन के चिल्ड्रन पार्क में सैकड़ों युवाओं, महिलाओं, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों और बुद्धिजीवियों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल और सांकेतिक धरना दिया।
यह आयोजन ‘जागरूक युवा संगठन’ और ‘जागरूक नागरिक मंच’ सहित क्षेत्र के कई सामाजिक व जन संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस भूख हड़ताल पर बैठे मुख्य चेहरे इस व्यवस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए प्रबुद्ध वर्ग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि के रूप में प्रमुख रूप से सामने आए।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (IAS) शरभ नेगी और गुजरात विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर सीपी भसीन ने देश की मौजूदा परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों होनहार और मेहनती युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया है। बार-बार परीक्षा रद्द होना और पेपर लीक होना अब एक मानसिक महामारी का रूप ले चुका है, जिसे तुरंत रोका जाना बेहद अनिवार्य है।
धरने में शामिल अधिवक्ता मनोज वर्मा ने कहा कि देश में शिक्षा प्रणाली को धंधा बनाया जा चुका है और शिक्षा माफिया लगातार सक्रिय है। ऐसे में इस माफिया को हटाने के लिए कोई भी बात नहीं करना चाहता है, लेकिन आज जब सोनम वांगचुक इसको लेकर आगे आए हैं तो हम उनका समर्थन करने के लिए आज एक दिवसीय भूख हड़ताल कर रहे हैं। आज शहर के विभिन्न संगठनों और क्षेत्र से जुड़े लोग जागरूक युवा संगठन के आह्वान पर सोलन में पहुंचे हैं, जिनमें पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, रिटायर्ड जजों, पुलिस अधिकारियों और प्रोफेसरों ने हिस्सा लिया है।
मनोज वर्मा ने आगे कहा कि आज वे सोनम वांगचुक को सपोर्ट कर रहे हैं क्योंकि वे उस दर्द को सबके सामने रख रहे हैं, जिसे कोई भी सबके सामने नहीं रख पाता है। लाखों बच्चे सालों साल परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और लाखों रुपए खर्च करते हैं, लेकिन जब पेपर देने की बारी आती है तो पेपर लीक हो जाते हैं। ऐसे में इस पूरी व्यवस्था को ठीक बनाने के लिए वे सोनम वांगचुक का सभी लोग एकजुट होकर पूरी तरह समर्थन कर रहे हैं।
बिलासपुर से इस धरने प्रदर्शन में हिस्सा लेने सोलन पहुंची चेतना ने बताया कि आज वे सोनम वांगचुक को सपोर्ट इसलिए कर रही हैं क्योंकि उनकी डिमांड एजुकेशन मिनिस्टर का इस्तीफा है और आज वह खुद भी देश के एजुकेशन मिनिस्टर से इस्तीफा मांग रही हैं। लगातार देश में पेपर लीक हो रहे हैं, पूरे साल भर बच्चे मेहनत करते हैं, कोचिंग लेते हैं और लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन जब पेपर लीक होते हैं तो बच्चे सुसाइड करने को मजबूर हैं। ऐसे में इस व्यवस्था को बदलने के लिए वे सोनम वांगचुक का समर्थन कर रहे हैं और वह भी शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने की मांग करती हैं।
सोलन की श्रेया शर्मा ने भी व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था में क्या हो रहा है और क्या नहीं हो रहा है, इस बारे में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कोई लेना-देना नहीं है और ना ही उनका ध्यान इस तरफ है। अगर उन्हें यही नहीं पता कि जंतर मंतर पर धरने पर कौन बैठा है, कितने दिनों से बैठा है और किस विषय को लेकर बैठा है, इस विषय की ही उन्हें जानकारी नहीं है तो उन्हें इस पद पर रहने का कोई हक नहीं है और उन्हें नहीं रहना चाहिए। सोनम वांगचुक युवाओं की बात को लेकर सबके सामने आए हैं और वह उनका खुले तौर पर समर्थन करती हैं।
बता दें कि आज की इस महत्वपूर्ण बैठक में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। देशव्यापी प्रदर्शन के समर्थन में आगामी 20 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे विभिन्न संगठनों द्वारा सोलन में भी एक विशाल और व्यापक प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि यह लड़ाई युवाओं के हक के लिए है और इसे आगे भी उग्र रूप से जारी रखा जाएगा। इस राष्ट्रव्यापी सरोकार के मुद्दे पर सोलन में राजनीतिक और सामाजिक सीमाओं को लांघकर विभिन्न विचारधाराएं एक मंच पर एकजुट नजर आईं।


















