Patiala Nihang Assault: पंजाब के पटियाला से एक बेहद गंभीर और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रॉपर्टी विवाद को लेकर निहंग सिखों के एक जत्थे ने एक घर पर धावा बोल दिया। यह घटना पटियाला के सनौर हलके के अंतर्गत आने वाले संत हजारा सिंह नगर की है। यहां सरेआम एक महिला की बेरहमी से पिटाई की गई और उसे बालों से घसीटते हुए घर के अंदर से गली तक लाया गया।
इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद पड़ोसियों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। पीड़ित महिला की पहचान सुरजीत कौर के रूप में हुई है। हमले के दौरान सुरजीत कौर ने निहंगों का डटकर मुकाबला किया। जब निहंग सिंह उसे डंडे से पीट रहे थे, तो उसने दिलेरी दिखाते हुए उसी डंडे को मजबूती से पकड़ लिया। वह करीब दो मिनट तक हमलावरों से अकेले भिड़ती रही।

बताया जा रहा है कि निहंगों ने घर के अंदर जबरन घुसकर न केवल सुरजीत कौर, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की। इसके बाद उन्होंने घर के अंदर रखा सामान बाहर फेंकना शुरू कर दिया। वे घर के अंदर से एक अलमारी उठाकर गली में ले आए, जिसके बाद विवाद और ज्यादा बढ़ गया।
जानकारी के मुताबिक इस पूरे विवाद की जड़ एक संपत्ति का मामला है। संत हजारा सिंह नगर के निवासी रविंदर सिंह और उनकी मां सुरजीत कौर का एक मकान है। उन्होंने इस मकान का सौदा धर्मेंद्र सिंह नामक व्यक्ति के साथ 43 लाख रुपये में तय किया था। धर्मेंद्र सिंह का दावा है कि उसने इस सौदे के तहत रविंदर सिंह और उसकी मां को बयाने के तौर पर 35 लाख रुपये दे दिए थे। हालांकि, धर्मेंद्र का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद परिवार ने मकान की रजिस्ट्री उसके नाम नहीं करवाई।
🚨पंजाब के पटियाला में एक अकेली महिला के साथ जिस तरह से कुछ निहंग वेशधारी लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रताड़ना की गई, वह बेहद दुखद और निंदनीय है। यह किसी भी हाल में सच्ची सिख परंपरा की पहचान नहीं हो सकती। pic.twitter.com/NJgNoZF5K3
— Prajasatta (@prajasattanews) July 16, 2026
दूसरी तरफ, पीड़ित पक्ष का दावा बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि इस मकान को लेकर पुराना कानूनी विवाद चल रहा है और यह मामला फिलहाल अदालत के विचाराधीन है। कोर्ट में अभी इस केस की सुनवाई जारी है और अभी तक किसी भी पक्ष के हक में अंतिम फैसला नहीं आया है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि धर्मेंद्र सिंह पहले भी कई बार इस मकान पर अवैध और जबरन कब्जा करने की कोशिश कर चुका है और पूर्व में भी इस तरह के हमले के प्रयास किए गए हैं। उनका कहना है कि चूंकि मामला अदालत में है, इसलिए कोर्ट का जो भी आदेश होगा, वह सभी पक्षों को मान्य होगा।
इस बार मकान पर जबरन कब्जा हासिल करने के उद्देश्य से धर्मेंद्र सिंह अपने साथ निहंगों के एक जत्थे को लेकर पहुंचा था। निहंगों ने सबसे पहले मकान का मुख्य गेट खटखटाया। जैसे ही मकान मालिक सुरजीत कौर गेट खोलकर बाहर आईं, निहंगों ने उनके साथ बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और निहंग उन्हें बालों से घसीटकर बाहर गली में ले आए और उन पर हमला कर दिया। घर के अंदर घुसकर उन्होंने अलमारी को जबरन बाहर निकाला और परिवार के बाकी लोगों को भी निशाना बनाया।
जब पड़ोसियों ने यह हंगामा देखा, तो वे रविंदर और सुरजीत कौर के बचाव में आगे आए। उन्होंने निहंगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने पड़ोसियों को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देना शुरू कर दिया। निहंगों के पास घातक हथियार थे और कई निहंगों ने अपनी तलवारें म्यान से बाहर निकाल ली थीं। सरेआम तलवारें लहराते देख पड़ोसी और स्थानीय लोग डर के मारे पीछे हट गए। हथियारों के खौफ के कारण कोई भी व्यक्ति महिला और उसके परिवार को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इस घटना की सूचना दी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सूचना मिलते ही सनौर थाने के एडिशनल एसएचओ हरजिंदर सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए निहंगों को समझा-बुझाकर वहां से वापस भेजा। एडिशनल एसएचओ हरजिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक परिवार पर निहंगों द्वारा हमला किए जाने की सूचना मिली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस पीड़ित महिला सुरजीत कौर और रविंदर सिंह के आधिकारिक बयान दर्ज कर रही है। बयान लेने की प्रक्रिया पूरी होते ही हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला (एफआईआर) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।


















