BJP MLA Sudhir Sharma: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने नेक राम मामले को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक खुन्नस के चलते उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। विधायक ने यह भी कहा कि इससे पहले भी उनके घर और बैंक खातों की पड़ताल की जा चुकी है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने चुनावी हलफनामे में अपनी संपत्ति और वित्तीय विवरण सार्वजनिक किए थे। ऐसे में उनकी संपत्ति और वित्तीय स्थिति को लेकर किसी तरह का संदेह पैदा करने की कोशिश को उन्होंने राजनीतिक रंजिश से जोड़कर देखा है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं और इनके पीछे राजनीतिक मंशा है।
नेक राम को लेकर उठ रहे सवालों पर सुधीर शर्मा ने साफ किया कि वह उनके पड़ोसी हैं और पड़ोसी होने के कारण उन्हें जानना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने पड़ोसी और करीबी के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी का पड़ोसी होना यह साबित नहीं करता कि वह व्यक्ति उनका करीबी भी है। सुधीर शर्मा ने यह भी कहा कि नेक राम को उनका करीबी बताना पूरी तरह गलत और निराधार है।
इस मामले में विधायक ने कुछ समाचार पत्रों और न्यूज़ पोर्टल्स को मानहानि नोटिस भी भेजा है, जिसका जिक्र उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर भी किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित करने की कोशिश हो रही है और वह अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े तथ्यों को प्रदेश की जनता के सामने रखा जाएगा।
सुधीर शर्मा का कहना है कि जब पूरे तथ्य सामने आएंगे तो स्थिति खुद स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं हैं और सत्य को जनता के सामने लाना उनका कर्तव्य है। विधायक ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाएगा और वह इस मामले को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
उधर, भाजपा ने भी इस मामले को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राजनीतिक रंजिश के चलते सुधीर शर्मा को निशाना बनाया गया तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रदेश में बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सुधीर शर्मा की ओर से कानूनी नोटिस जारी किए जाने और भाजपा के आंदोलन की चेतावनी के बाद अब यह मामला राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ कानूनी मोर्चे पर भी आगे बढ़ता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े नए तथ्य और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से स्पष्टीकरण और बयानबाजी का दौर जारी है।
क्या है मामला
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने 13 करोड़ रुपये की जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले में धर्मशाला से नेक राम को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कार्रवाई के दौरान विजिलेंस धर्मशाला की टीम को रक्कड़ निवासी आरोपी नेक राम के अलावा उसकी पत्नी और मां के नाम पर भी धर्मशाला और पालमपुर में कई संपत्तियों की जानकारी मिली है।
विजिलेंस आरोपी के धन के स्रोतों और वास्तविक लाभार्थियों की पड़ताल कर रही है। इसमें राजस्व अधिकारियों के साथ उसके गठजोड़ की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि नेक राम ने जाली दस्तावेजों, फर्जी हस्ताक्षरों और पवर ऑफ अटॉर्नी के जरिए सरकारी व वन भूमि का अवैध हस्तांतरण करवाया है। जांच में इस भूमि का मूल राजस्व रिकॉर्ड भी गायब पाया गया। आने वाले दिनों में जमीन के सौदों, वित्तीय लेन-देन, गायब रिकॉर्ड्स और अन्य संभावित आरोपियों से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
300 रजिस्ट्रियों की प्रतियां कब्जे में, 2007 से अब तक के सौदों की जांच जारी
जांच के दौरान जमीन से जुड़े बड़े लेन-देन और प्रभावशाली लोगों के गठजोड़ की परतें खुल रही हैं। अब तक जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर नेक राम से धर्मशाला और पालमपुर क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में इस्तेमाल धन के वास्तविक स्रोत, पैसों के लेन-देन और मुख्य लाभार्थियों की भूमिका को लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि राजस्व रिकॉर्ड में किस स्तर पर हेरफेर की गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
विजिलेंस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन कथित भूमि सौदों का वास्तविक फायदा किसे मिला। संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और असली लाभार्थियों की पहचान फिलहाल जांच के दायरे में है। विजिलेंस की टीम धर्मशाला, पालमपुर और आसपास के क्षेत्रों में वर्ष 2007 से अब तक हुए जमीनों के सभी संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल कर रही है। इस सिलसिले में नेक राम के नाम दर्ज जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी करीब 300 रजिस्ट्रियों की प्रमाणित प्रतियां कब्जे में ले ली गई हैं।
गौरतलब है कि कई समाचार पत्रों और मीडिया चैनलों ने नेक राम को विधायक सुधीर शर्मा का करीबी बताया है, हालांकि सुधीर शर्मा ने इन दावों से पूरी तरह से किनारा कर लिया है।


















