Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Cyber Fraud: बिना ओटीपी शेयर किए बैंक मैनेजर के खाते से उड़े 10 लाख, मचा हड़कंप

Kangra Cyber Crime: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में पंजाब नेशनल बैंक के डिप्टी मैनेजर के खाते से शातिरों ने महज कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये उड़ा दिए, जिसकी जांच अब सीबीआई ने अपने हाथों में ले ली है।
Cyber Fraud: बिना ओटीपी शेयर किए बैंक मैनेजर के खाते से उड़े 10 लाख, मचा हड़कंप

Cyber Fraud News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद हैरान करने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की राजनगर शाखा में कार्यरत डिप्टी मैनेजर देवराज शर्मा के बैंक खाते से शातिरों ने 10 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया है। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) शिमला ने मामला दर्ज कर अपनी विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जिम्मेदारी सीबीआई इंस्पेक्टर रविंदर कुमार को सौंपी है। पीड़ित देवराज शर्मा कांगड़ा जिले की बैजनाथ तहसील के पपरोला के मूल निवासी हैं और वर्तमान में पीएनबी राजनगर शाखा में डिप्टी मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एक बैंक अधिकारी के साथ हुई इस प्रकार की धोखाधड़ी ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

इसे भी पढ़ें:  Exclusive! टेंडर के बिना सड़क मुरम्मत, क्या नूरपुर नगर परिषद ने सरकारी धन की की खुलेआम लूट?

पीड़ित डिप्टी मैनेजर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना 2 दिसंबर 2024 को घटित हुई थी। उस दिन उनके मोबाइल नंबर पर बैंकिंग से जुड़े कुछ ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) प्राप्त हुए थे। देवराज शर्मा ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने न तो किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ ये ओटीपी साझा किए और न ही इस बारे में किसी को कोई जानकारी दी। इसके बावजूद, सुरक्षा को दरकिनार कर उनके खाते में सेंध लगा दी गई।

शिकायत में बताया गया कि ओटीपी आने के महज कुछ ही मिनटों के भीतर उनके बैंक खाते से भारी रकम गायब हो गई। शातिरों ने पांच-पांच लाख रुपये की दो अलग-अलग ऑनलाइन डेबिट ट्रांजेक्शन को अंजाम दिया। इस प्रकार कुछ ही पलों के भीतर कुल 10 लाख रुपये की राशि डिप्टी मैनेजर के खाते से अवैध रूप से निकाल ली गई।

इसे भी पढ़ें:  मुख्यमंत्री ने 283.19 करोड़ रुपये लागत विकासात्मक परियोजनाओं के किए लोकार्पण और शिलान्यास

जांच एजेंसी की प्रारंभिक कार्रवाई में इस ठगी से जुड़े बैंक खातों के अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि पहली पांच लाख रुपये की अवैध राशि एक्सिस बैंक के खाता संख्या 924010065824324 में स्थानांतरित की गई थी। इसके तुरंत बाद की गई दूसरी पांच लाख रुपये की ट्रांजेक्शन पंजाब नेशनल बैंक के ही एक अन्य खाता संख्या 05652001000022654 में भेजी गई थी।

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, जिस पीएनबी खाते में दूसरी ट्रांजेक्शन की रकम ट्रांसफर की गई, वह नवेद अली नामक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत पाया गया है। सीबीआई अब इन बैंक खातों के मालिकों और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई है ताकि इस रैकेट के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश के नूरपुर में बड़ा हादसा, चालक को दिल का दौरा पड़ने से पलटी निजी बस, 15 घायल

बिना ओटीपी साझा किए बैंक के एक जिम्मेदार अधिकारी के खाते से इतनी बड़ी राशि का ट्रांसफर होना तकनीकी सुरक्षा प्रणालियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती माना जा रही है। सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा अब इस पूरे ट्रांजैक्शन रूट और तकनीकी खामियों की गहराई से पड़ताल कर रही है।

Bank Manager CheatedCBI InvestigationCyber Fraud IndiaHimachal Pradesh NewsPunjab National Bank

Join WhatsApp

Join Now