Chamba Tragedy: हिमाचल प्रदेश के चंबा में हुए दर्दनाक हादसे के बाद बुधवार को रावी नदी के तट पर एक अत्यंत हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला। हादसे का शिकार हुए एक ही परिवार के चार सदस्यों का रावी तट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस असहनीय दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस हादसे के बाद श्मशान घाट पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और पूरे पंचायत क्षेत्र में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था।
बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाले पुलिस जवान रिपन राणा को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा जब उनके पैतृक घर से निकली, तो माहौल और अधिक गमगीन हो गया। तिरंगे में लिपटे ताबूत में रखे जवान के पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों और ग्रामीणों का कलेजा मुंह को आ गया। रावी तट पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों ने शस्त्र झुकाकर तथा ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के बीच उन्हें अंतिम सलामी दी।

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे भावुक और मार्मिक क्षण तब देखने को मिला जब महज तीन माह के मासूम को मिट्टी दी गई। मासूम बच्चे को उसके ताया विपिन राणा ने नम आंखों से धरती की गोद में सुलाया। अपने नन्हे भतीजे को अंतिम विदाई देते हुए ताया विपिन राणा बिलख-बिलख कर रो पड़े। उनके इस विलाप ने वहां मौजूद हर कठोर से कठोर दिल इंसान को भी झकझोर कर रख दिया। नन्ही सी जान की इस तरह विदाई ने सभी को भावुक कर दिया।
उल्लेखनीय है कि हर किसी ने रावी तट पर एक साथ चार सदस्यों को नम आँखों से अंतिम विदाई दी गई। विपिन राणा ने इस हादसे में अपने पिता बचन सिंह, भाई रिपन राणा और भाभी रिंपी को खो दिया। वहीं परिवार की सदस्य कीर्ति की चिता को उनके भाई विशाल ने मुखाग्नि दी। श्मशान घाट पर एक तरफ जहां तीन चिताएं जल रही थीं, वहीं दूसरी ओर मासूम को दफनाया जा रहा था। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की चीख-पुकार तथा सिसकियों से पूरा तट गूंज उठा।
गांव के निवासियों ने इस त्रासदी पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि एक हंसता-खेलता और खुशहाल परिवार पलभर में पूरी तरह उजड़ गया। रावी तट पर एक साथ जलती हुई चिताओं ने पूरे जिले को शोकाकुल कर दिया है। अंतिम संस्कार में शामिल होने और शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और पीड़ित परिवार को इस विकट दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना प्रकृति के क्रूर रूप का एक और भयानक प्रमाण है, जो अचानक किसी भी समय कहर बरपा सकती है।


















