CM Sukhu News Today: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ‘नशेड़ी’ वाले बयान को लेकर घमासान छिड़ गया है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव और कांग्रेस नेता नीरज भारती ने मुख्यमंत्री के इस बयान पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री सुक्खू के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनकी पुरानी आदतों का सार्वजनिक रूप से जिक्र किया है। भारती ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि इतनी बड़ी कुर्सी पर पहुंचने के बाद भी उनकी पुरानी आदतें नहीं बदली हैं। उन्होंने तंज कसते हुए इसे टुच्ची हरकतें करार दिया है।
नीरज भारती ने वीडियो में विलंब से आने का कारण बताते हुए कहा कि वह अपने बेटे को बाहर घुमाने ले गए थे, इसलिए उन्हें रिकॉर्डिंग करने में थोड़ी देर हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वह वीडियो जल्दी रिकॉर्ड कर रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री यह न कह दें कि उन्होंने शराब पी रखी है। भारती ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुक्खू को संबोधित करते हुए कहा कि वे दोनों अतीत में धर्मशाला विधानसभा सत्र के दौरान दिवंगत नेता जीएस बाली के डिनर में साथ में ड्रिंक और सिगरेट पी चुके हैं।
पूर्व सीपीएस ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जब वे लोग सिगरेट पीते थे, तो विधानसभा परिसर से बाहर चले जाते थे। लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू को विधानसभा के अंदर ही बैठकर खैनी रगड़ते और खाते देखा है। उन्होंने कहा कि अन्य जो लोग इसे खाते हैं वो बाहर थूक देते हैं लेकिन सुक्खू जी तो उसे अन्दर ही निगल लेते थे। जिस कारण उन्हें पेट में गंभीर बीमारी हो गई है।
भारती ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें शराब पीने और खैनी खाने से मना किया है। इसके बावजूद उनकी सेहत बार-बार बिगड़ती है और वे अस्पताल में भर्ती होते हैं। क्योंकि वह अपनी पुरानी आदत नहीं छोड़ पा रहे हैं। उन्होंने दु:ख जताते हुए कहा कि पहले वे एक-दूसरे को भाई कहते थे, लेकिन अब न तो मुख्यमंत्री ने भाईचारा शुरू रखा और न ही वे इसे आगे बढ़ाने जा रहे हैं।
वीडियो में नीरज भारती ने मुख्यमंत्री सुक्खू को दोपहर के समय एक साथ टेस्ट करवाने की खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वह अपना और मुख्यमंत्री दोनों का टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं। भारती ने स्पष्ट किया कि वह यह टेस्ट हिमाचल प्रदेश में अपने गांव या राज्य के भीतर नहीं, बल्कि चंडीगढ़ में करवाना चाहते हैं। इसके पीछे उन्होंने आशंका जताई कि हिमाचल में मुख्यमंत्री का प्रशासनिक तंत्र चलता है, जहां डॉक्टरों या जांच करने वालों को डरा-धमकाकर टेस्ट रिपोर्ट में हेर-फेर की जा सकती है।
भारती ने बताया कि उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री के करीबियों से भी बात की है। अपने प्रशासनिक अनुभव का जिक्र करते हुए पूर्व सीपीएस ने कहा कि मुख्यमंत्री आज पहली बार सचिवालय में बैठे हैं, जबकि वह खुद दस साल पहले ही सचिवालय में पदभार संभाल चुके हैं। इसलिए उन्हें अच्छी तरह पता है कि वहां चीजें कैसे काम करती हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय का जिक्र करते हुए कहा कि उनके ऊपर दर्ज मामले और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनके मतभेद पार्टी के लिए किए गए संघर्षों के इतिहास का हिस्सा हैं।

















