Punjabi Blogger Arrest Case: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने एक पंजाबी ब्लॉगर द्वारा की गई टिप्पणी और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई का मामला अब गंभीर मोड़ लेता नजर आ रहा है। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा ब्लॉगर की गिरफ्तारी किए जाने के विरोध में विभिन्न सिख संगठनों और निहंग सिंह जत्थेबंदियों में भारी रोष देखा जा रहा है।
शुक्रवार को इस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल-पंजाब सीमा पर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्य राजमार्ग पर यातायात ठप कर दिया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को निहंग सिंह जत्थेबंदियों और शिरोमणि अकाली बुड्ढा दल से जुड़े दर्जनों लोग पंजाब-हिमाचल सीमा पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने किरतपुर-मनाली फोरलेन पर बिलासपुर-पंजाब सीमा के पास स्थित गरामोड़ा टोल बैरियर पर धरना दे दिया।

इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गरामोड़ा टोल बैरियर पर धरना देकर हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिए जाने से मौके पर स्थिति काफी संवेदनशील और तनावपूर्ण हो गई। अचानक हुए इस चक्का जाम की वजह से फोरलेन पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
बता दें कि इस विरोध प्रदर्शन से वीकेंड और टूरिस्ट सीजन के चलते कुल्लू-मनाली और शिमला की ओर आ-जा रहे देश-विदेश के पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय वाहन चालक और व्यावसायिक वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप होने की सूचना मिलते ही हिमाचल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और गरामोड़ा टोल प्लाजा पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ तथा प्रदर्शनकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद स्थिति में थोड़ा सुधार आया। पुलिस की मध्यस्थता और सकारात्मक बातचीत के चलते प्रदर्शनकारी टोल बैरियर की एक लेन को यातायात के लिए खोलने पर सहमत हुए। एक लेन से वाहनों की आवाजाही शुरू होने के बाद यात्रियों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली। हालांकि, क्षेत्र में अभी भी सतर्कता बरती जा रही है ताकि यातायात व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित न हो।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे निहंग सिंह संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उनका कहना था कि ब्लॉगर नवदीप सिंह ने शिमला में केवल अपनी बात रखी थी, जो किसी भी तरह से कानून का उल्लंघन नहीं है।
इसके बावजूद हिमाचल पुलिस ने बीते 15 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया, जो कि सरासर अन्यायपूर्ण कार्रवाई है। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि नवदीप सिंह को तुरंत रिहा किया जाए और उस पर दर्ज सभी मामले रद्द किए जाएं, अन्यथा वे शिमला की ओर सीधे कूच करेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम और सीमा पर बने तनाव पर जानकारी देते हुए बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि हिमाचल पुलिस स्थिति को लेकर पूरी तरह से सतर्क है और हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों से प्रशासनिक स्तर पर बातचीत जारी है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बनी सहमति के आधार पर टोल बैरियर की एक लेन को खुलवा दिया गया है, जिससे यातायात को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है।


















