Bilaspur Bus Accident: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। जिले के भगेड़-पनौल मार्ग पर दो बसों की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस टक्कर के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस बेकाबू होकर सड़क के किनारे 200 मीटर गहरी खाई की तरफ हवा में लटक गई। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय एचआरटीसी की इस बस में करीब 40 यात्री सवार थे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह भयानक दुर्घटना भगेड़-पनौल मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर के पास घटित हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एचआरटीसी बस का आधा हिस्सा खाई की ओर हवा में झूलने लगा। हालांकि, सड़क के किनारे बना एक छोटा सा पैरापिट बस के लिए ढाल बन गया और उसे नीचे गिरने से रोक लिया। इस पैरापिट की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा होने से बच गया और बस में सवार यात्रियों की जान सुरक्षित रह सकी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एचआरटीसी की यह बस जबलू से घुमारवीं की ओर जा रही थी। सुबह का समय होने के कारण इसमें रोजाना की तरह स्कूली बच्चे, कॉलेज के विद्यार्थी और अपने-अपने कामकाज पर जाने वाले दैनिक यात्री सवार थे। बस में कुल यात्रियों की संख्या लगभग 40 बताई जा रही है। यात्रा के दौरान जैसे ही बस भगेड़-पनौल रोड पर हनुमान मंदिर के समीप पहुंची, सामने से आ रही एक तेज रफ़्तार निजी बस के साथ उसकी सीधी और जोरदार भिड़ंत हो गई।
जिस दूसरी बस से एचआरटीसी बस की टक्कर हुई, वह निजी बस ‘मेघ ट्रेवल्स’ की थी और गेहड़वीं-घुमारवीं-गेहड़वीं रूट पर संचालित हो रही थी। दोनों ही वाहन अपने निर्धारित रूट पर थे, लेकिन हनुमान मंदिर के पास मोड़ पर यह जोरदार हादसा हो गया। टक्कर के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, क्योंकि बस का आधा भाग हवा में झूल रहा था और नीचे 200 मीटर गहरी खाई थी।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, यदि सड़क के किनारे वह कंक्रीट का छोटा पैरापिट नहीं बना होता, तो बस सीधे 200 मीटर गहरी खाई में समा जाती। पैरापिट के सहारे बस के टिक जाने से बड़ा नुकसान टल गया। इस हादसे में बस में सवार यात्रियों को किसी गंभीर क्षति का सामना नहीं करना पड़ा है, हालांकि कुछ लोगों को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं। सभी घायलों को तुरंत प्राथमिक राहत पहुंचाई गई।
पहाड़ी इलाकों में इस तरह के हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। गौरतलब है कि राज्य में हाल ही में एक और दर्दनाक बस हादसा देखने को मिला था, जब बीते 9 अगस्त को चंबा जिले के तीसा में एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उस चंबा हादसे में आठ लोगों की जान चली गई थी। बिलासपुर की इस घटना में पैरापिट की वजह से 40 लोगों की जान सुरक्षित बच गई।


















