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चंडीगढ़ कैशियर हत्याकांड के बाद फरार शूटर CCTV में कैद, कजहेड़ी में हुलिया बदला और वोल्वो बस से फरार…

Kumar Medical Store Sector 11 Chandigarh: चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में स्थित कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर की हत्या मामले में पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है, वहीं कजेहड़ी गांव से जुड़े सुरागों के बाद धरपकड़ के लिए सात टीमें छापेमारी कर रही हैं।
By PNT
Published on: 15 June 2026
Chandigarh Cashier Murder Jammu Kashmir Shooters: चंडीगढ़ कैशियर हत्याकांड के बाद फरार शूटर CCTV में कैद, कजहेड़ी में हुलिया बदला और वोल्वो बस से फरार...

Chandigarh Cashier Murder: चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित कुमार मेडिकल स्टोर में हुए कैशियर हत्याकांड के शूटरों की पहचान पुलिस ने कर ली है। हालांकि, अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार जुटी हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट से मिली विशेष जानकारी के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी जम्मू-कश्मीर से संबंध रखते हैं।

बता दें कि चंडीगढ़ के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब शूटर जम्मू-कश्मीर से आकर यहां किसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर फरार होने में कामयाब रहे हैं। पुलिस के पुख्ता सूत्रों की मानें तो चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों की पहचान लगभग पूरी कर चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास (53) की हत्या के इस मामले में अब कई बड़े खुलासे हो रहे हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी सेक्टर-52 के कजहेड़ी गांव पहुंचे थे। यहां उन्होंने नए कपड़े खरीदे और एक नाई की दुकान में जाकर अपने कपड़े बदले। इसके बाद वे करीब दो घंटे तक वहीं रुके रहे और फिर सेक्टर-43 बस अड्डे से वोल्वो बस में बैठकर फरार हो गए।

पुलिस को जांच के दौरान कई सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनमें आरोपियों के चेहरे पूरी तरह साफ दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी अपनी बाइक को सेक्टर-3 के बोगनवेलिया गार्डन के पास छोड़कर पैदल ही सुखना लेक की ओर निकल गए थे। वहां से उन्होंने एक ऑटो-रिक्शा लिया और कजेहड़ी पहुंचे। इस इनपुट के बाद सेक्टर-36 और सेक्टर-39 थाना पुलिस ने कजेहड़ी गांव में बड़ा सर्च अभियान भी चलाया।

आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की सात टीमें पंजाब, हरियाणा और अन्य संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। दूसरी ओर, सेक्टर-11 मार्केट में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं।

गौरतलब है कि रविवार को जीएमएसएच-16 में तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा जानकी दास के शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जानकी दास के शरीर से 10 गोलियां बरामद हुई हैं। जानकी दास मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू तहसील के गांव दलगांव के निवासी थे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन उनके शव को लेकर अपने पैतृक गांव रवाना हो गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस दु:खद घटना के बाद मृतक की पत्नी ईना सिंह, जो अपने गांव की प्रधान भी हैं, मोर्चरी के बाहर बिलखती नजर आईं। उन्होंने बताया कि उनकी किसी के साथ कोई रंजिश नहीं थी। वे लोग केवल कमाने के लिए चंडीगढ़ आए थे और करीब 24 साल से यहां रह रहे थे। उन्हें कभी कोई धमकी नहीं मिली थी और वे हमेशा दुकान से खुशी-खुशी घर लौटते थे। मृतक के चचेरे भाई लायक राम ने भी बताया कि जानकी दास पिछले करीब एक वर्ष से श्री कुमार केमिस्ट में नौकरी कर रहे थे और उनका किसी के साथ कोई विवाद नहीं था।

उल्लेखनीय है कि श्री कुमार केमिस्ट फर्म में कुल तीन पार्टनर्स हैं, जिनमें चंडीगढ़ निवासी राजीव गर्ग मुख्य हैं, जबकि बाकी दो पार्टनर अन्य राज्यों से हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस जगह पर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया, वहां से महज 50 मीटर की दूरी पर पुलिस का स्थायी नाका मौजूद है। इसके अलावा, करीब 200 मीटर की दूरी पर चंडीगढ़ पुलिस का सेक्टर-11 थाना, स्टेट क्राइम ब्रांच का थाना और स्टेट क्राइम ब्रांच के डीएसपी का कार्यालय भी स्थित है।

एसएसपी सुमेर प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि श्री कुमार केमिस्ट के मालिकों को पहले कभी किसी गैंगस्टर की तरफ से कोई धमकी नहीं मिली थी। इस हत्या के कुछ ही घंटों बाद शहर के दो अन्य केमिस्ट कारोबारियों ने पुलिस को शिकायत दी कि उन्हें गैंगस्टरों की ओर से रंगदारी के लिए धमकी भरे फोन आए हैं। कॉल करने वालों ने पैसे नहीं देने पर जानकी दास जैसा ही अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।

बताया जा रहा है कि हत्या के दूसरे दिन भी सेक्टर-11 मार्केट के कुछ कारोबारियों को कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल के नंबरों से कॉल और संदेश भेजकर रंगदारी मांगी गई। इसकी सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस, साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। पुलिस इन विदेशी नंबरों की सघन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये कॉल किसी बड़े गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं। पुलिस द्वारा हत्या और रंगदारी की इन धमकियों के बीच के संभावित कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है।

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