Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

शिमला स्कूल संचालिका मर्डर केस में 7 दिन बाद भी नहीं खुली मर्डर मिस्ट्री, कब खुलेंगे हत्याकांड के पीछे के कई बड़े राज

Manisha Mittal Murder Shimla: संजौली के सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में सात दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद भी पुलिस असली मास्टरमाइंड और हत्या की साजिश की तह तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही है।
By PNT
Published on: 22 June 2026
Shimla Murder Case: Shimla News: Shimla School Director Manisha Mittal Murder Case

Shimla Murder Case: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में सात दिन की पुलिस रिमांड की अवधि भी पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद, जांच एजेंसियां अब तक इस पूरी साजिश के पीछे छिपे असली चेहरे और इसके कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफल नहीं हो पाई हैं।

रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद, सोमवार को पुलिस दोनों गिरफ्तार शूटरों को जिला अदालत में पेश करेगी, जहां पूछताछ का सिलसिला जारी रखने के लिए आगे की रिमांड की मांग की जा सकती है। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात को अंजाम देने के करीब 39 घंटे के भीतर ही दो शूटरों को हरियाणा से दबोच लिया था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के झज्जर निवासी आशीष अहलावत (22) और रोहतक निवासी दीपक उर्फ दीपक (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई दो देसी पिस्तौलें (एक पिस्टल और एक देसी कट्टा) और वारदात को अंजाम देने में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है।

मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड के तार अब तड़ीपार घोषित किए जा चुके बदमाशों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच का दायरा अब उन कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अपराधियों तक पहुंच गया है, जिन्हें अदालत की ओर से पूर्व में ही तड़ीपार घोषित किया जा चुका है। पुलिस ने इन संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है, लेकिन फिलहाल ये सभी संदिग्ध फरार बताए जा रहे हैं।

इसके साथ ही, पुलिस इस पहलू की भी गहनता से जांच कर रही है कि आरोपी इन अवैध हथियारों को कहां से लेकर आए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी बरामद पिस्तौल और कट्टे का कोई भी वैध लाइसेंस या संबंधित दस्तावेज पुलिस के सामने पेश नहीं कर पाए हैं। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों की यह खेप किस माध्यम से उन तक पहुंची और पूर्व में इसका इस्तेमाल किन-किन अवैध गतिविधियों में किया गया था।

जांच एजेंसियों को इस बात की प्रबल आशंका है कि इस पूरी वारदात के पीछे केवल कोई व्यक्तिगत रंजिश या सामान्य विवाद नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा संगठित आपराधिक नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मोबाईल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और आरोपियों के तमाम संपर्कों को खंगालने में जुटी है।

वहीं सूत्रों के मुताबिक, रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में कई नए नाम सामने आए हैं, जिनमें से कुछ का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने जांच प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए अभी तक किसी भी नए नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को अभी गोपनीय रखा गया है ताकि मुख्य अपराधियों को सतर्क होने का मौका न मिले।

दरअसल, यह पूरा मामला 13 जून की शाम का है, जब करीब साढ़े छह बजे संजौली में स्कूल गेट के बाहर दो नकाबपोश हमलावरों ने मनीषा मित्तल पर अंधाधुंध तीन गोलियां चलाई थीं। इस हमले में 41 वर्षीय मनीषा (पत्नी डॉ. सुभाष यादव, निवासी एनएच-8 गोल्टन हाइट्स विला सोसायटी-150, रेवाड़ी, हरियाणा) की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी शनिवार को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। फिलहाल पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से आर्थिक लेन-देन और साजिशकर्ता की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

Manisha Mittal Murder ShimlaShimla Crime newsShimla HP newsShimla latest newsShimla Murder Case

Join WhatsApp

Join Now