Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Himachal Cloudburst: किन्नौर में बाढ़ से मची तबाही, लाहौल-स्पीति में उफनते नाले के बीच भारी मशीनरी से हुआ महिला का रेस्क्यू

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में चोलिंग के पास अचानक आई बाढ़ से राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पूरी तरह ठप हो गया है, जबकि लाहुल-स्पीति में JCB मशीन की मदद से एक गंभीर मरीज की जान बचाई गई।
By PNT
Published on: 3 July 2026
Himachal Cloudburst: किन्नौर में बाढ़ से मची तबाही, लाहौल-स्पीति में उफनते नाले के बीच भारी मशीनरी से हुआ महिला का रेस्क्यू

Himachal Cloudburst: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिलों में मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही प्राकृतिक आफत का दौर भी शुरू हो गया है। किन्नौर जिले में बीती रात चोलिंग के निकट मूसलाधार बारिश हुई। इस भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के साथ आए भारी मलबे और दलदल के कारण राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया है।

चोलिंग में बाढ़ का वेग इतना तीव्र था कि सड़क पर चल रहे कई वाहन अचानक आए मलबे और भारी दलदल की चपेट में आ गए। ये वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए। इस अचानक आई आपदा के बीच राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, समय रहते सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चोलिंग के पास राष्ट्रीय उच्च मार्ग को साफ करने और मलबे में फंसे वाहनों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारी मशीनरी को तत्काल काम पर लगा दिया गया है। प्रशासन की टीम मौके पर मुस्तैद है और मार्ग को सुचारू करने का प्रयास जारी है।

दूसरी ओर, लाहुल-स्पीति जिले के जाहलमा नाले में आई बाढ़ से पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। सीमा सड़क संगठन द्वारा यातायात के लिए बनाई गई अस्थायी पुलिया भी पानी के तेज बहाव में बह गई है। इस घटना के कारण उदयपुर उपमंडल सहित पूरी पांगी घाटी का संपर्क मुख्य मार्गों से पूरी तरह कट गया है।

इसी बीच, बुधवार को उदयपुर उपमंडल के शेनुर गांव की रहने वाली शांति देवी को छाती में संक्रमण और सांस लेने में गंभीर दिक्कत के कारण कुल्लू के लिए रेफर किया गया था। मरीज को लेकर जब एंबुलेंस जाहलमा नाले के पास पहुंची, तो नाला भारी उफान पर था और उसे सामान्य रूप से पार करना असंभव था। ऐसी आपातकालीन स्थिति में वहां तैनात जवानों ने सूझबूझ से काम लिया।

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए बीआरओ और पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाला। जवानों ने शांति देवी को स्ट्रेचर सहित JCB मशीन के अगले हिस्से में रखा और उफनते जाहलमा नाले के पार करवाया। नाला पार करने के बाद मरीज को तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद अब मरीज की हालत में काफी सुधार बताया जा रहा है।

इस बीच, बीआरओ के जवानों ने वीरवार सुबह त्वरित कार्रवाई करते हुए नाले पर दोबारा अस्थायी पुल का निर्माण कर दिया है, जिससे यातायात को सुचारु कर दिया गया है। गौरतलब है कि मई महीने में हुए भारी भूस्खलन के कारण जाहलमा का मुख्य पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। वर्तमान में बीआरओ द्वारा नाले पर नए पक्के पुल का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

स्थानीय विधायक अनुराधा राणा ने क्षेत्र की स्थिति और पुल निर्माण पर जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जाहलमा नाले पर नए पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। विधायक के अनुसार, इस महीने के अंत तक इस पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे पांगी घाटी और उदयपुर उपमंडल के लोगों को बार-बार होने वाली इस समस्या से स्थायी रूप से राहत मिल जाएगी।

Himachal Monsoon 2026Himachal Weather UpdateKinnaur LandslideLahaul Spiti FloodNational Highway 5 Blocked

Join WhatsApp

Join Now