Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Child Adoption Rules: रिश्तेदारों से बच्चा लेने के लिए अब पंजीकरण अनिवार्य, नहीं चलेगी आपसी सहमति

Family Adoption Legal Process Himachal: हिमाचल में अब परिवार या रिश्तेदारी में बच्चा गोद लेने के लिए आपसी सहमति काफी नहीं होगी। दत्तक ग्रहण की कानूनी मान्यता और बच्चे के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सीएआरए के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
Child Adoption Rules: रिश्तेदारों से बच्चा लेने के लिए अब पंजीकरण अनिवार्य, नहीं चलेगी आपसी सहमति

Child Adoption Rules India: हिमाचल प्रदेश में अब रिश्तेदारों के बीच होने वाले दत्तक ग्रहण और सौतेले माता-पिता द्वारा बच्चे को गोद लेने के मामलों में नियमों को कड़ा कर दिया गया है। पुरानी परंपरा के अनुसार केवल आपसी सहमति से बच्चा गोद लेने की व्यवस्था अब मान्य नहीं होगी। नए नियमों के तहत केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) के माध्यम से पंजीकरण और कानूनी प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही जिला दंडाधिकारी की ओर से दत्तक ग्रहण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र जारी होने के बाद ही बच्चे को कानूनी रूप से दत्तक माता-पिता की संतान का दर्जा प्राप्त होगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस पूरी विधिक प्रक्रिया के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें:  Himachal: चंबा और हमीरपुर के डीसी कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप..!

शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने वीरवार को इस नए प्रावधान के संदर्भ में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के नए नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने परिवार या रिश्तेदारी में किसी बच्चे को गोद लेना चाहता है, अथवा सौतेले माता-पिता बच्चे को कानूनी रूप से अपनाना चाहते हैं, तो उन्हें सबसे पहले केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा।

उपायुक्त के मुताबिक, वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। इसके साथ ही अन्य सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। जब यह पूरी प्रशासनिक और विधिक प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो जाएगी, उसके बाद ही जिला दंडाधिकारी (डीएम) द्वारा आधिकारिक दत्तक ग्रहण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें:  जयराम ठाकुर पर कांग्रेस मंत्रियों का बयान झूठ का पुलिंदा : बिक्रम

इस नए बदलाव की पृष्ठभूमि पर बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि अब तक कई परिवारों में रिश्तेदारी के आधार पर बिना किसी कानूनी प्रक्रिया को अपनाए ही बच्चों को गोद ले लिया जाता था। इस पारंपरिक व्यवस्था के कारण बाद में उत्तराधिकार, कानूनी अभिभावकत्व और अन्य पारिवारिक व सरकारी मामलों में गंभीर कठिनाइयां और विवाद सामने आते थे।

नई कानूनी व्यवस्था लागू होने से दत्तक माता-पिता को पूर्ण कानूनी अधिकार प्राप्त होंगे। इसके साथ ही गोद लिए गए बच्चे के अधिकार भी भविष्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। कानूनी पंजीकरण होने से बच्चों के कानूनी दर्जे को लेकर किसी भी प्रकार के संशय या विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।

इसे भी पढ़ें:  स्वास्थ्य कर्मचारियों को खुशख़बरी! कोरोना महामारी में सेवाएं देने के लिए वेतन के अलावा मानदेय भी देगी सरकार
CARA Registration Child Adoption Rules Family Child Adoption Himachal Pradesh News Legal Adoption Process

Join WhatsApp

Join Now