Kullu News: हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की सैंज घाटी स्थित सिउंड में पार्वती जलविद्युत परियोजना (फेज II) के पावर हाउस से पानी का रिसाव अचानक बढ़ गया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते दिनों पहाड़ी के भीतर से निकलने वाले पानी की मात्रा में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है।
जल रिसाव के इस नए स्तर के कारण आसपास के निचले और ऊपरी क्षेत्रों में स्थित रैला, शुलगा, बागीधार और जीवा गांवों पर भूस्खलन व अन्य प्राकृतिक खतरों की आशंका गहराने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि पावर हाउस से पानी का रिसाव पहले भी हुआ करता था, लेकिन उस समय इसकी मात्रा बेहद मामूली थी। हालांकि, अब पानी का बहाव तेजी से बढ़ने के कारण स्थानीय निवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि परियोजना के पावर हाउस में किसी गंभीर तकनीकी समस्या या आंतरिक खराबी के कारण पानी पहाड़ी के रास्ते बाहर निकल रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच करवाने की पुरजोर मांग की है।
स्थानीय निवासियों बबलू, डेहरु राम, मेहर सिंह, मोहन लाल और हरि सिंह धामी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पावर हाउस के निर्माण कार्य के दौरान पहाड़ी के भीतर भारी ब्लास्टिंग की गई थी। उनका मानना है कि इस ब्लास्टिंग के कारण पहाड़ी की आंतरिक संरचना बुरी तरह प्रभावित हुई होगी। ग्रामीणों के अनुसार, परियोजना प्रबंधन द्वारा जब भी पावर हाउस में पानी भरा जाता है, उस समय रिसाव का इस स्तर तक बढ़ जाना एक अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय रैला पंचायत के प्रधान टेक सिंह ठाकुर और पंचायत समिति सदस्य रीता देवी ने प्रशासन तथा परियोजना प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत भू-वैज्ञानिक और भू-तकनीकी सर्वेक्षण कराने की मांग रखी है। इसके अलावा, उन्होंने जल रिसाव के मुख्य स्रोतों की पहचान करने और संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते वैज्ञानिक स्तर पर जांच और आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना या जन-धन की हानि से इंकार नहीं किया जा सकता।
वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने बताया कि स्थानीय निवासियों के माध्यम से पावर हाउस से पानी के रिसाव की जानकारी मिली है। स्थिति का संज्ञान लेते हुए उन्होंने परियोजना प्रमुख को इस पूरे मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द प्रशासन को सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि परियोजना प्रबंधन की रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की आवश्यक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दूसरी ओर, पार्वती जलविद्युत परियोजना फेज II के प्रमुख रणजीत सिंह ने क्षेत्र के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि पावर हाउस में हो रहे जल रिसाव पर तकनीकी टीम लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम हर पहलू की बारीकी से निगरानी कर रही है। उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने की आवश्यकता नहीं है।


















