Sirmour Road Accident: हिमाचल प्रदेश के पहले ग्रीन कॉरिडोर सड़क परियोजना के तहत बने पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा नेशनल हाईवे-707 पर बड़वास में मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे तेल से भरा टैंकर सड़क के बीच पलट गया। इसके चलते हाईवे करीब 8 घंटे तक पूरी तरह बंद रहा। दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों यात्री व वाहन चालक जाम में फंसे रहे।
छोटे वाहन किसी तरह थोड़ी जगह से निकल पा रहे थे, लेकिन निजी बस, ट्रक और अन्य बड़े वाहन पूरी तरह फंस गए। शिलाई से सोलन, शिमला, पांवटा साहिब और नाहन जाने वाले तथा पांवटा साहिब से शिलाई, कफोटा, उत्तराखंड और शिमला की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। जाम में अस्पताल जाने वाले मरीजों की एंबुलेंस भी फंसी रहीं।
करीब 8 घंटे तक सड़क बहाल नहीं होने से निजी बसों और ट्रकों के चालक-परिचालकों के साथ स्थानीय लोगों और यात्रियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इसके बाद टैंकर चालक पांवटा साहिब से हाइड्रा क्रेन लेकर मौके पर पहुंचा। क्रेन की मदद से टैंकर को हटाने के बाद यातायात बहाल किया गया।
समाजसेवी नाथूराम चौहान ने कहा कि लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे, लेकिन प्रशासन और नेशनल हाईवे के अधिकारियों की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि बड़वास में अक्सर वाहन पलटते रहते हैं। दो दिन पहले भी इसी स्थान पर एक ट्रक पलटा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे निर्माण के दौरान इस स्थान पर काफी खड़ी चढ़ाई बना दी गई है। उनका आरोप है कि भारी वाहन पहले गियर में भी इस चढ़ाई को आसानी से पार नहीं कर पाते, जिसके कारण यहां दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
उधर, एसडीएम शिलाई जसपाल ने बताया कि सड़क बहाल करने के लिए ऑयल टैंकर चालक की ओर से हाइड्रा क्रेन मंगवाई गई थी। इसके बाद टैंकर को हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया।


















