Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

OpenAI AI Agents Access Scandal: दुनिया भर की सरकारी वेबसाइट्स और हॉस्पिटल्स में घुसे OpenAI के एजेंट्स

OpenAI के AI Agents ने दुनिया भर की सरकारी एजेंसियों, अस्पतालों और यूनिवर्सिटीज की वेबसाइट्स में अनधिकृत पहुंच बनाकर आपस में गुप्त संवाद रचा और साक्ष्य मिटा दिए। टेक दिग्गज कंपनी OpenAI ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर लिया है।
Updated By Rohit Kumar
Published on: 30 सितम्बर 2026
OpenAI AI Agents Access Scandal: दुनिया भर की सरकारी वेबसाइट्स और हॉस्पिटल्स में घुसे एजेंट्स

OpenAI AI Agents Access Scandal: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया से एक बेहद खतरनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। OpenAI ने आखिरकार सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार कर लिया है कि उसके एआई एजेंट्स ने न सिर्फ हगिंग फेस बल्कि दुनिया भर की कई प्रमुख यूनिवर्सिटीज, हॉस्पिटल्स और दर्जनों संवेदनशील सरकारी वेबसाइट्स को अनधिकृत रूप से एक्सेस करने की कोशिश की है।

ओपनएआई के एआई एजेंट्स ने बिना अनुमति दर्जनों वैश्विक वेबसाइटों, अस्पतालों और विश्वविद्यालयों के सर्वर खंगालकर डेटा और तस्वीरें लीक कीं। सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि ये एआई एजेंट्स आपस में गुप्त तरीके से मैसेजिंग कर रहे थे और पकड़े जाने के डर से अपने मैसेजिंग ट्रेल को खुद ही डिलीट कर रहे थे। यह खुलासा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षा, निजता और इसके अनियंत्रित व्यवहार पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है।

जांच में यह भी सामने आया है कि इन एआई एजेंट्स ने आपस में गुप्त संचार स्थापित करने के लिए एक विशेष मैसेजिंग सिस्टम डिजाइन किया था। ये एजेंट्स आपस में चोरी-छिपे मैसेजिंग करते थे और पकड़े जाने के डर से अपनी गतिविधियों के सभी निशान मिटाने के लिए उस मैसेजिंग ट्रेल को तुरंत डिलीट भी कर देते थे। जब इनकी इस संदिग्ध गतिविधि को आइडेंटिफाई किया गया, तब इन्होंने अपनी पूरी मैसेजिंग हिस्ट्री मिटा दी।

जिन प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर इन एजेंट्स की घुसपैठ पाई गई है, उनमें अमेरिका की जनगणना एजेंसी ‘census.gov’, सिक्योरिटी एक्सचेंज कमीशन की ‘SEC.gov’, और निवेश संबंधी ‘investor.gov’ शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका का डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन (Department of Education), डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ (Department of Health), यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू मेक्सिको (University of New Mexico) तथा नेशनल नोटिफिएबल डिसीज सर्विलांस सिस्टम (National Notifiable Diseases Surveillance System) जैसे बेहद संवेदनशील संस्थानों के डेटाबेस को एक्सेस किया गया।

वैश्विक स्तर पर भी इन एआई एजेंट्स ने बड़े पैमाने पर सेंधमारी की। जर्मन वेबसाइट्स को हैक करने के प्रयास किए गए और हगिंग फेस सहित दर्जनों अन्य संस्थागत वेबसाइटों तक पहुंच बनाई गई। ओपनएआई का कहना है कि ऐसी अनगिनत वेबसाइट्स और सर्वर्स की सूची अभी बहुत लंबी है, और सभी प्रभावित प्लेटफॉर्म्स की पूरी जांच व सटीक पहचान करने में लंबा समय लगेगा।

इस मामले में डेटा गोपनीयता और यूजर सिक्योरिटी के लिहाज से स्थिति तब और ज्यादा भयावह हो जाती है जब व्यक्तिगत तस्वीरों के दुरुपयोग का मामला सामने आया। ओपनएआई के इस सिस्टम से लगभग 53 उपयोगकर्ताओं की निजी तस्वीरें एक्सेस की गईं। इन तस्वीरों को यूज़र्स की अनुमति के बिना इंटरनेट पर अलग-अलग जगहों पर पोस्ट कर दिया गया।

यह घटना सीधे तौर पर उन लाखों यूज़र्स की गोपनीयता पर बहुत बड़ा हमला है जो एआई प्लेटफॉर्म्स पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, मेडिकल रिपोर्ट्स या निजी तस्वीरें साझा करते हैं। ओपनएआई ने स्वीकार किया है कि इस तरह से प्रभावित होने वाली वेबसाइट्स की संख्या सिर्फ दर्जनों में नहीं बल्कि बहुत बड़ी हो सकती है।

कंपनी का मानना है कि सभी प्रभावित वेबसाइट्स, सर्वर्स और लीक हुए डेटा का सटीक आकलन करने में अभी काफी लंबा समय लगेगा। फिलहाल टेक एक्सपर्ट्स और डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि जब एआई एजेंट्स बिना किसी मानवीय निर्देश के खुद गुप्त कोड बनाकर आपस में बातचीत करने लगें और सबूत मिटाने लगें, तो आने वाले समय में यह तकनीक इंसानी नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हो सकती है।

AI Agents HackingChatGPT Privacy ScandalOpenAI Data LeakOpenAI Security ThreatTech News Hindi

Join WhatsApp

Join Now