Central Team Kullu Visit: मानसून सीजन के दौरान हुई मूसलाधार बारिश, भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण कुल्लू जिले में बड़े पैमाने पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। आपदा से हुए भारी नुकसान का सटीक आकलन करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम मंगलवार को कुल्लू पहुंची।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में पहुंची इस अंतर-मंत्रालय टीम ने अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन आपदा प्रभावित क्षेत्रों का धरातलीय निरीक्षण किया और वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। ओट पहुंचने पर एडीएम सुरजीत सिंह राठौर सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय टीम का औपचारिक स्वागत किया।
केंद्रीय दल में केंद्र सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों और तकनीकी संस्थानों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हैं। इसमें जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के कार्यकारी अभियंता शाश्वत महापात्रा, वित्त मंत्रालय के उप निदेशक कनव दुआ तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, हैदराबाद के वैज्ञानिक डॉ. श्री शशिवर्धन रेड्डी मौजूद रहे। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) सुनील वर्मा भी दौरे के दौरान पूरी प्रक्रिया में उपस्थित रहे।
स्वागत एवं प्रारंभिक चर्चा के बाद केंद्रीय दल ने तुरंत सैंज क्षेत्र के विभिन्न प्रभावित स्थलों के लिए रुख किया और प्राकृतिक आपदा के कारण हुई तबाही का जायजा लिया। केंद्रीय टीम ने सैंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुचैण के मातला गांव का प्रत्यक्ष दौरा किया। मातला गांव में टीम के सदस्यों ने जमीन धंसने के कारण प्रभावित हुए मकानों और आसपास के भूभाग का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने आपदा प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की तथा उनकी समस्याओं, निजी संपत्ति के नुकसान और तत्कालीन जरूरतों की विस्तृत जानकारी ली।
गांव के निरीक्षण के उपरांत केंद्रीय दल ने बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान की समीक्षा के तहत सैंज जल विद्युत परियोजना, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिउण्ड पुल तथा सैंज बाजार का स्थलीय दौरा किया। टीम ने इन सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर बाढ़ और भूस्खलन से सार्वजनिक संपत्तियों को हुए क्षति के स्तर का मौके पर ही आकलन किया।
दिन भर के निरीक्षण और मैदानी आकलन के उपरांत एनएचपीसी विश्राम गृह, बिहाली में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन ने कुल्लू के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण सड़कों, पेयजल योजनाओं, कृषि, बागवानी, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, सरकारी परिसंपत्तियों तथा आम जनता की निजी संपत्ति को पहुंचे कुल नुकसान का विस्तृत ब्यौरा केंद्रीय टीम के समक्ष प्रस्तुत किया।
समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित विभागों द्वारा तैयार किए गए नुकसान के अंतिम आकलन, आपदा प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान भौतिक स्थिति तथा वर्तमान में चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट साझा की गई। केंद्रीय टीम ने विभागीय अधिकारियों से प्राकृतिक आपदा के प्रभाव और भविष्य में किए जाने वाले आवश्यक पुनर्निर्माण तथा राहत उपायों के संबंध में गहराई से जानकारी प्राप्त की, ताकि केंद्र सरकार को अंतिम रिपोर्ट सौंपी जा सके।


















