Lahaul Spiti Paragliding Trial जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बुधवार को जिला मुख्यालय केलांग से करीब छह किलोमीटर दूर शाशूर स्थित पैराग्लाइडिंग साइट पर सफल ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान पैराग्लाइडिंग पायलट ने निर्धारित लैंडिंग साइट पर सुरक्षित लैंडिंग की। सफल ट्रायल के बाद अब साइट को अधिसूचित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
ट्रायल के दौरान एसडीएम एवं जिला पर्यटन अधिकारी कुनिका एकर्स, पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक अविनाश नेगी, फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर गिमनर सिंह, एमओ डॉ. संजय दत्त, केलांग के पूर्व प्रधान सोनम जांगपो, स्थानीय पायलट टशी दावा, विभाग के आरओ संजय कुमार तथा बीओ विशाल कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एसडीएम एवं जिला पर्यटन अधिकारी कुनिका एकर्स ने कहा कि शांशा मठ के समीप पैराग्लाइडिंग का सफल ट्रायल लाहौल-स्पीति में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग गतिविधि शुरू होने से लाहौल आने वाले पर्यटकों को एक नए साहसिक पर्यटन अनुभव का अवसर मिलेगा तथा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि शांशा मठ के निकट पैराग्लाइडिंग साइट विकसित होने से साहसिक पर्यटन के साथ-साथ क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक एक ही यात्रा के दौरान साहसिक गतिविधि के साथ मठ के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से भी परिचित हो सकेंगे। इससे शांशा और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। पायलट, गाइड, टूर ऑपरेटर, परिवहन, होमस्टे तथा अन्य पर्यटन आधारित सेवाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।
जिला प्रशासन की ओर से लाहौल-स्पीति में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पैराग्लाइडिंग गतिविधि के संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


















