Sirmour News: सिरमौर जिले के नाहन शहर को बेसहारा गौवंश की समस्या से पूरी तरह मुक्त कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। शहर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार को 7 बेसहारा गौवंश को सिरमौर स्थित कोटला बड़ोग गौशाला में सुरक्षित स्थानांतरित कर दिया गया।
जिला प्रशासन, नगरपालिका परिषद, पशुपालन विभाग और पुलिस प्रशासन के संयुक्त सहयोग से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सड़कों पर घूम रहे मवेशियों के कारण पैदा हो रही समस्याओं पर अंकुश लगाया जा सके। एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि शहर में बेसहारा गौवंश की समस्या से पूरी तरह निजात पाने के लिए यह संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में भी सड़कों से पकड़े गए बेसहारा गौवंश को कोटला बड़ोग और नालागढ़ स्थित हांडा कुंडी बुल सैंचूरी में भेजा जाएगा, ताकि शहर की सड़कों को मवेशी मुक्त बनाया जा सके और पशुओं की सही देखभाल सुनिश्चित हो सके। कार्रवाई के दौरान पकड़े गए सात मवेशियों की जांच करने पर एक अहम खुलासा हुआ। इन सात गौवंश में से तीन पशु ऐसे पाए गए जिन पर टैग लगा हुआ था।
प्रशासन ने तुरंत ऑनलाइन ‘भारत पशुधन पोर्टल’ पर इन टैग्स की जानकारी को खंगाला। पोर्टल पर उपलब्ध डेटा के आधार पर तीनों पालतू गौवंशों के मालिकों की पहचान उजागर हो गई। पहचान में आया कि इनमें से पहला पशु मालिक रमेश चंद है, जो नौणी का बाग वार्ड नंबर 12 का निवासी है। दूसरा पशु मालिक रजत सैणी भी नौणी का बाग वार्ड नंबर 12 का रहने वाला है, जबकि तीसरा मालिक राज कुमार वार्ड नंबर 13 का निवासी है।
सड़क पर मवेशियों को आवारा छोड़ने की इस गंभीर लापरवाही को जिला प्रशासन ने बेहद सख्ती से लिया है। एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने नगरपालिका परिषद नाहन को निर्देश जारी किए हैं कि इन तीनों गौवंश मालिकों के खिलाफ ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ के सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत तुरंत प्रभाव से दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक स्तर पर की गई इस सख्त कार्रवाई के साथ ही एसडीएम ने नाहन के सभी पशुपालकों से सार्वजनिक अपील भी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी पशुपालक अपने पालतू पशुओं को इस तरह सड़कों पर आवारा न छोड़ें।
सड़कों पर घूमते बेसहारा मवेशी न केवल गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनते हैं, बल्कि इनसे स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को भी भारी परेशानी और असुविधा का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति अपने मवेशी को खुला छोड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


















