Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की सराहन स्थित जन्मस्थली पर प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शामिल नहीं हो सके, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। विपक्ष और सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की गैर-मजूदगी को लेकर सवाल उठाए जाने लगे। इन सभी अटकलों और बयानों पर अब हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया है।
बुधवार को शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सराहन में आयोजित यह कार्यक्रम एक जिला स्तरीय आयोजन था। इसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के शामिल न होने को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं और इसे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़ा जा रहा है, वह पूरी तरह से बेतुका और तर्कहीन है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से की जा रही टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के आरोप तथ्यहीन हैं। ऐसे भावनात्मक और सम्मान से जुड़े आयोजनों को बेवजह राजनीतिक विवाद से दूर रखा जाना चाहिए।
जन्मस्थली पर प्रतिमा स्थापित करना स्थानीय भावनाओं से जुड़ा विषय
विक्रमादित्य सिंह ने आधुनिक हिमाचल प्रदेश के निर्माण में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक हिमाचल के गठन और विकास में वीरभद्र सिंह ने अत्यंत अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में उनकी जन्मस्थली सराहन पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जाना बेहद जरूरी था। यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि वहां के स्थानीय लोगों की गहरी भावनाओं से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ एक आदरपूर्ण आयोजन था।
कार्यक्रम के आयोजन और अतिथियों के निमंत्रण को लेकर विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि इस समागम के लिए सभी गणमान्य व्यक्तियों और नेताओं को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि जो लोग समय निकाल सके और आ सके, वे इस कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं, कुछ लोग अपनी पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं और जरूरी कार्यों के कारण इसमें शिरकत नहीं कर पाए। किसी के न आ पाने का अर्थ यह कदापि नहीं निकाला जाना चाहिए कि पार्टी के भीतर कोई मतभेद या गुटबाजी चल रही है।
रिज मैदान पर हुआ था मुख्य प्रतिमा का भव्य अनावरण
लोक निर्माण मंत्री ने मुख्य प्रतिमा के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की मुख्य प्रतिमा का अनावरण राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर पहले ही किया जा चुका है। उस ऐतिहासिक और भव्य कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी स्वयं विशेष रूप से मौजूद रही थीं। उस समय पार्टी के सभी शीर्ष नेता और कार्यकर्ता एक साथ नजर आए थे।
विक्रमादित्य सिंह ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक और श्रद्धांजलियुक्त आयोजनों के मूल महत्व को समझा जाना चाहिए। सराहन का कार्यक्रम क्षेत्रीय भावनाओं का आदर करने के लिए आयोजित किया गया था। इसलिए इस तरह के आयोजनों को बेवजह का राजनीतिक मुद्दा बनाकर विवाद खड़ा करना बिल्कुल भी उचित नहीं है।
राजनीतिक विवाद न खड़ा करने की मुख्यमंत्री सुक्खू की अपील
वहीं दूसरी ओर, जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस विषय पर मीडिया द्वारा सवाल पूछा गया, तो उन्होंने भी इस पर अपनी स्थिति साफ की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस विषय पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि सराहन स्थित कार्यक्रम के लिए उन्हें भी आदरपूर्वक निमंत्रण प्राप्त हुआ था, लेकिन शिमला में पहले से तय अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के कारण वह सराहन नहीं जा सके।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने याद दिलाया कि जब शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापित की गई थी, तब कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता, विधायक और कार्यकर्ता पूरी एकजुटता के साथ उस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने सभी से अपील की है कि एक सम्मानित जननेता की प्रतिमा अनावरण के विषय को बेवजह राजनीतिक विवाद का हिस्सा न बनाया जाए।




















