Prajasatta Side Scroll Menu
IEC University Baddi Bahra University - Shimla Hills Kullu Dussehra 2026 Celebration

INDIA Alliance Protest: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध की अगली रणनीति तैयार कर रहा विपक्ष, नवंबर में रामलीला मैदान के बाद होगा बड़ा प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन नवंबर में आंदोलन तेज करने की तैयारी में है। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली के बाद मार्च और मॉक संसद जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
INDIA Alliance Protest: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध की अगली रणनीति तैयार कर रहा विपक्ष, नवंबर में रामलीला मैदान के बाद होगा बड़ा प्रदर्शन

INDIA Alliance Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन नवंबर की शुरुआत में विरोध प्रदर्शन का अगला दौर शुरू करने जा रहा है। विपक्षी दलों के नेता 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विशाल रैली के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए कई गंभीर विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इनमें दिल्ली में एक बार फिर बड़े पैमाने पर मार्च निकालने से लेकर ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के मुद्दे पर मॉक संसद आयोजित करने तक के प्रस्ताव शामिल हैं।

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मध्य दिल्ली में विपक्षी दलों के भारी मार्च के बाद अब आंदोलन की अगली रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि, अभी तक प्रदर्शन के विस्तृत स्वरूप को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के त्योहारों के कारण हाल ही में आंदोलन की गतिविधियों में कुछ ठहराव आ गया था, जिसे अब दोबारा गति देने की तैयारी है।

मॉक संसद और महाभियोग के मंचन की योजना
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक माकपा महासचिव एमए बेबी ने जानकारी दी है कि फिलहाल कई प्रस्तावों पर विचार चल रहा है। उनके अनुसार, दिल्ली के प्रमुख इलाकों में हुए पिछले मार्च को मिली राजनीतिक सफलता के बाद कुछ नेता उसी तरह का बड़ा जनसमूह दोबारा जुटाने के पक्ष में हैं। इसके अलावा, एक मॉक संसद आयोजित करने का विचार भी प्रमुखता से सामने आया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया का मंचन किया जाएगा।

इस प्रस्तावित मॉक संसद में देश के प्रमुख कानूनविदों और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों को आमंत्रित किए जाने की योजना है। इस मंच पर एक पक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप रखेगा, जबकि दूसरा पक्ष उनका बचाव करेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह रेखांकित करना है कि कुमार कई मामलों में कथित तौर पर दोषी हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया है कि शीर्ष नेतृत्व स्तर पर तैयारियां जारी हैं और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।

राष्ट्रपति से मुलाकात और सुप्रीम कोर्ट का रुख
विपक्षी दलों ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में मध्य दिल्ली में बड़े मार्च निकाले थे, जिनमें हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं, छात्रों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हालिया समय में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ये सबसे बड़े प्रदर्शनों में गिने जा रहे हैं। इन गतिविधियों के बाद भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव काफी तेज हो गया है।

इससे पहले 9 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त तथा चुनाव आयुक्तों को आजीवन छूट देने वाले 2023 के कानून को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई थी। इसके साथ ही विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने और कथित तौर पर अवैध रूप से हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग भी की थी। राष्ट्रपति ने विपक्ष से इन आरोपों के समर्थन में सबूत प्रस्तुत करने को कहा था। 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने के उद्देश्य से एक बड़ा मार्च निकाला गया था।

चुनाव आयोग की शक्तियों पर विपक्ष की आपत्ति
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने निर्वाचन आयोग की सामूहिक शक्तियों का एकतरफा और मनमाने ढंग से उपयोग किया है। याचिका में आयोग के प्रमुख फैसलों की न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है, ताकि संविधान में निहित वयस्क मताधिकार के सार्वभौमिक अधिकार की रक्षा की जा सके।

याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण की वैधता के सवाल को नए सिरे से खोलने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और नागरिकों के मतदान अधिकार के उल्लंघन से जुड़ी चिंताओं को सामने लाना है।

समन्वय समिति बनाएगा INDIA गठबंधन
1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली की तैयारियों के बीच विपक्षी दलों के नेता आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। गठबंधन के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि आगे की रणनीति पर अंतिम फैसला सभी घटक दल मिलकर करेंगे और कोई भी पार्टी अकेले निर्णय नहीं लेगी।

इस पूरी योजना के संचालन और निगरानी के लिए INDIA गठबंधन अपने दलों के सदस्यों को मिलाकर एक विशेष समन्वय समिति का गठन करेगा। आगामी दिल्ली रैली में विभिन्न छात्र संगठन और नागरिक समाज के संगठन भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह पूरी पहल राहुल गांधी के उस निरंतर रुख के अनुरूप है जिसके तहत सभी विरोध प्रदर्शनों को एक ही व्यापक और साझा आंदोलन का हिस्सा माना जा रहा है।

CEC Gyanesh KumarDelhi RallyElection CommissionINDIA AllianceRahul Gandhi

Join WhatsApp

Join Now