Nahan Violence Case: सिरमौर जिले के ऐतिहासिक शहर नाहन स्थित वाल्मीकि चौक पर 23 अक्टूबर को हुई हिंसक झड़प और पथराव के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों समुदायों के 11 आरोपियों को शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को नाहन के वाल्मीकि चौक पर दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद वहां विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते भारी पथराव शुरू हो गया। इस हिंसक झड़प और पत्थरबाजी में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों सहित दोनों पक्षों के कुल 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपद्रव के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा था।
महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह संपन्न होने के बाद सिरमौर पुलिस ने मामले की तफ्तीश में तेजी लाई। पुलिस टीमों ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो खंगालना शुरू किया। गहन डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से जुड़े 11 उपद्रवियों को चिह्नित कर गिरफ्तार कर लिया।
अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि पत्थरबाजी और हिंसा की घटना में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और अन्य शामिल चेहरों की तलाश जारी है।
पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर अन्य उपद्रवियों को भी चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला सिरमौर पुलिस ने आम जनता से क्षेत्र में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की पुरजोर अपील की है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से स्पष्ट आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर बिल्कुल विश्वास न करें और किसी भी अपुष्ट या भड़काऊ सामग्री को सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचें। साथ ही, क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और स्थानीय प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें।




















