Cancer Medicine Price Cut: देश भर में कैंसर रोगियों और उनके परिवारों को एक बड़ी और राहत भरी खबर मिली है। केंद्र सरकार द्वारा लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत 397 कैंसर रोधी दवाओं की कीमतों में 93 प्रतिशत तक की भारी कमी की गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन लाखों परिवारों पर वित्तीय बोझ को कम करना है, जिन्हें अक्सर महंगे कैंसर उपचार के लिए अपनी संपत्ति तक बेचनी पड़ती है या भारी कर्ज लेना पड़ता है।
इस नीतिगत बदलाव से देश के आम नागरिकों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचेगा और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में आ रही वित्तीय बाधाएं काफी हद तक दूर हो सकेंगी। इस निर्णय के सामने आने के बाद शिमला में एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के विधायक और राज्य मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने केंद्र सरकार के इस कदम की सराहना की।
उन्होंने इस ऐतिहासिक और जनहितकारी निर्णय के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का खुलकर आभार व्यक्त किया। शर्मा ने कहा कि यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और जन कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है, जिससे देश के पीड़ित परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
प्रमुख दवाओं के घटे हुए नए दाम
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रणधीर शर्मा ने कुछ प्रमुख कैंसर दवाओं के पुराने और नए दामों के आंकड़े मीडिया के सामने रखे। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण दवा पाल्बोसिक्लिब 125 एमजी की कीमत जो पहले 40,421 रुपये हुआ करती थी, उसे अब घटाकर मात्र 2,730 रुपये कर दिया गया है, जो कि 93 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट है। इसी प्रकार, पाल्बोसिक्लिब 100 एमजी की कीमत अब 24,505 रुपये के बजाय मात्र 2,069 रुपये में उपलब्ध होगी। इसके अलावा, थायोटिपा 100 एमजी जैसी गंभीर बीमारी की दवा की कीमत को भी 80,072 रुपये से भारी रूप से घटाकर 7,150 रुपये कर दिया गया है।
राजनीतिक दलों से अपील और जागरूकता अभियान
दामों में इस अभूतपूर्व कटौती के बाद, भाजपा नेता रणधीर शर्मा ने देश के सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे इस पूरी तरह से रोगी-केंद्रित निर्णय का समर्थन करें। उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से भी विशेष रूप से यह अपील की कि वे आगे आएं और इन संशोधित तथा घटी हुई कीमतों के बारे में आम जनता एवं जरूरतमंदों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाएं। शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि सही समय पर सही जानकारी मिलने से अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इस सरकारी योजना और राहत का पूरा लाभ उठा सकेंगे और बिचौलियों या महंगे दामों की मार से बच सकेंगे।
राज्य सरकार पर स्वास्थ्य योजनाओं में देरी के आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार की प्रशंसा करने के साथ-साथ रणधीर शर्मा ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश की वर्तमान राज्य सरकार पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा JICA-सहायता प्राप्त स्वास्थ्य सेवा परियोजना और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन जैसी महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं को जमीन पर उतारने और लागू करने में अनावश्यक देरी की जा रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हिमाचल प्रदेश में विभिन्न प्रकार की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और आपदा पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र से मिलने वाले धन के सही उपयोग पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।


















