BJP News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कांग्रेस पार्टी और राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लगातार निशाना बना रही है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत देते हुए कहा कि यदि उसमें राजनीतिक साहस है तो वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बजाय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुकाबला करके दिखाए। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने सीएम सुक्खू पर सीधा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी है, तो सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री पद पर कैसे आसीन हैं।
दिल्ली में ईवीएम के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रक्रिया और ईवीएम के जरिए सुक्खू सत्ता में आए हैं, आज वे उसी पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर अपनी ही संवैधानिक प्रक्रियाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। सरमा ने कहा कि “आज सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली गए हैं EVM का विरोध करने. अरे, जिस मां के पेट से तुम पैदा हुए हो, उसी मां को गाली देने तुम दिल्ली गए हो। ” उन्होंने आगे कहा, “मैं फिर कहता हूं कि जिस EVM के पेट से सुक्खू मुख्यमंत्री बने हैं, आज वह उसी को गाली दे रहे हैं। “
हिमाचल प्रदेश में अगले साल भाजपा सरकार का दावा
असम के मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के आगामी राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वह कामाख्या देवी की पावन धरती से तारादेवी की भूमि पर आए हैं और अगले साल इसी समय तक हिमाचल प्रदेश में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा। सरमा ने राज्य की जनता से अपील की कि वे सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को सत्ता से बाहर करें। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने युवाओं को रोजगार देने और महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये की वित्तीय सहायता देने की अपनी गारंटियों को पूरा नहीं किया है।
‘वोट चोरी छोड़ो, लोगों का दिल जीतना सीखो’
कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल विकास कार्यों के दम पर चुनाव जीतते हैं। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय जनता का दिल जीतना सीखे। सरमा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने जैसे फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने अपने दृढ़ संकल्पों से देशवासियों का विश्वास हासिल किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि 2024 के लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता पर संदेह था, तो राहुल गांधी उसी चुनाव में कैसे जीतकर आए। उन्होंने चुनौती दी कि यदि राहुल गांधी को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर हमले पर घेरा
सरमा ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और अदालतों जैसी निष्पक्ष संस्थाओं की साख को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि दो-तीन हजार लोगों को दिल्ली में इकट्ठा करके सत्ता परिवर्तन नहीं किया जा सकता। एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने सवाल किया कि यदि मतदाता सूची में हेरफेर की बात सच है, तो केरल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में कांग्रेस तथा विपक्षी दलों की सरकारें कैसे बनीं। उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट करने को कहा कि मतदाता सूची से किस वैध नागरिक का नाम हटाया गया है।
चुनावी वादों और सुक्खू सरकार पर तीखा प्रहार
हिमाचल की जनता को संबोधित करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वादों से मुकरना और जनता को धोखा देना भी एक तरह की महाचोरी है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हिमाचल की जनता को सुक्खू को इस तरह चुनाव हराना चाहिए कि उनका हेलीकॉप्टर सीधे प्रियंका गांधी के घर पर लैंड करे। उन्होंने तंज कसा कि सत्ता से बाहर होने के बाद सुक्खू को प्रियंका गांधी के आवास पर रोजगार मिल जाएगा। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि वादाखिलाफी करने वाले नेतृत्व को सत्ता से बाहर करना प्रदेश के हित में आवश्यक है।




















