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Gold ETFs: गोल्ड ETF में लौटी रौनक, सितंबर में रिकॉर्ड निवेश, भारत बना एशिया का नंबर वन

Published on: 8 October 2025
Gold ETFs Gold price rally: 8 बड़े गोल्ड ETF ने 10,000 रुपये मासिक निवेश को 10 साल में बनाया 24 लाख

Gold ETFs: भारत के गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) ने सितंबर 2025 में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस महीने गोल्ड ETF में 902 मिलियन डॉलर (लगभग 7,600 करोड़ रुपये) का रिकॉर्ड निवेश दर्ज किया गया, जो अगस्त 2025 के 232 मिलियन डॉलर की तुलना में 285% की शानदार बढ़ोतरी दर्शाता है।

इस प्रदर्शन ने भारत को एशिया में गोल्ड ETF निवेश के मामले में शीर्ष स्थान दिलाया है। सितंबर में सोने ने 13 नए उच्चतम स्तर छुए, और यह तेजी अक्टूबर में भी बरकरार है। साल 2025 में अब तक सोने ने 47% का रिटर्न दिया है, जो 1979 के बाद किसी भी कैलेंडर वर्ष में सबसे अधिक है।

क्यों बढ़ रहा है गोल्ड ETF की ओर रुझान?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और ऑप्शंस मार्केट की सक्रियता ने सोने को निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना दिया है। सितंबर में ग्लोबल गोल्ड ETF में 17.3 बिलियन डॉलर (146 टन) का निवेश हुआ, जो अब तक का सबसे मजबूत मासिक आंकड़ा है।

भारत में यह रुझान और भी मजबूत रहा, जहां गोल्ड ETF ने लगातार चौथे महीने निवेश में वृद्धि दर्ज की। इस साल जनवरी से अब तक इन फंड्स में 2.18 अरब डॉलर (लगभग 18,094 करोड़ रुपये) का निवेश हो चुका है, जो किसी भी एक साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

भारत ने बनाया एशिया में दबदबा
सितंबर 2025 में एशिया में गोल्ड ETF में कुल 2.1 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जिसमें भारत का योगदान सबसे ज्यादा रहा। तुलना में, चीन में 62.2 करोड़ डॉलर और जापान में 41.5 करोड़ डॉलर का निवेश दर्ज हुआ। भारत ने इस सेगमेंट में न केवल एशिया, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। ग्लोबल गोल्ड ETF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 300 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी उल्लेखनीय है।

गोल्ड ETF क्या है और क्यों है खास?
गोल्ड ETF ऐसे निवेश फंड हैं, जो सोने की कीमतों पर आधारित होते हैं। ये स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होते हैं, जिससे निवेशक बिना भौतिक सोना खरीदे इसके यूनिट्स में निवेश कर सकते हैं। इसमें न तो लॉकर की जरूरत होती है और न ही चोरी का डर। यह निवेशकों को पारदर्शिता, कम लागत और उच्च लिक्विडिटी प्रदान करता है।

महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं से बचने के लिए लोग इसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। भारत में गोल्ड ETF का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। जहां पहले लोग भौतिक सोने में निवेश करते थे, अब कई निवेशक इस आधुनिक और सुविधाजनक विकल्प को चुन रहे हैं।

निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि गोल्ड ETF में निवेश पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने का शानदार तरीका है। HDFC गोल्ड ETF और SBI गोल्ड ETF जैसे फंड्स, जिनका AUM क्रमशः 11,000 करोड़ और 9,500 करोड़ रुपये के आसपास है, निवेशकों के बीच लोकप्रिय हैं।

हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा ही गोल्ड ETF में लगाएं और बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखें। सोने की बढ़ती कीमतों और निवेशकों के भरोसे ने गोल्ड ETF को भारत में एक आकर्षक निवेश विकल्प बना दिया है। यह न केवल आर्थिक स्थिरता का प्रतीक है, बल्कि निवेशकों को महंगाई और अनिश्चितताओं से बचाने का एक मजबूत जरिया भी बन रहा है।

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