Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला स्थित पुंग खड्ड में अवैध खनन के बहुचर्चित मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा के परिवार के दो सदस्यों पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। स्टोन क्रशर से जुड़े इस अवैध खनन मामले में पुलिस ने विधायक के भाई उमेश शर्मा और चाचा प्रवीण शर्मा को वीरवार को स्थानीय कोर्ट में पेश किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
इस कानूनी कार्यवाही से पहले, दोनों आरोपियों ने बीते बुधवार को सीजेएम (CJM) कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण के तुरंत बाद उन्हें एक दिन की प्रारंभिक पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। रिमांड अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने वीरवार को उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया और मामले की गहराई से जांच के लिए और समय की मांग की। पुलिस की अर्जी को स्वीकार करते हुए अदालत ने अब उन्हें दो और दिनों के लिए पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया है।
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) बलवीर सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सुजानपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज अवैध खनन केस के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीरवार को कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों का दो दिन का पुलिस रिमांड मंजूर हुआ है। एसपी ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्षता से की जा रही है और जो भी साक्ष्य या तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगामी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
अब सुजानपुर पुलिस की टीम उमेश शर्मा और प्रवीण शर्मा से गहन पूछताछ करेगी। जांच का मुख्य केंद्र अवैध खनन से जुड़ा नेटवर्क, इसमें इस्तेमाल की गई मशीनरी, अवैध आर्थिक लेन-देन और इस सिंडिकेट में शामिल अन्य संभावित लोगों के बारे में जानकारी जुटाना है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पुंग खड्ड में चल रहे इस अवैध कारोबार की जड़ें कहां तक फैली हुई हैं।
बता दें कि इस मामले की कानूनी लड़ाई भी काफी सुर्खियों में रही है। आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कानून के हर दरवाजे पर दस्तक दी थी। सबसे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
सुप्रीम कोर्ट ने 19 मार्च 2026 को कड़ा रुख अपनाते हुए याचिका खारिज की और दोनों को चार सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था। इसी आदेश के पालन में दोनों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। शनिवार को रिमांड खत्म होने पर दोनों को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस पूछताछ के दौरान हुए नए खुलासे पेश कर सकती है।





















