Himachal News : भाजपा विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रदेश सरकार अक्टूबर 2025 के बाद से विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी नहीं कर रही है, जिससे विधायक अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य पूरे करने में असमर्थ हैं।
भाजपा का कहना है कि इस वर्ष प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश को भारी नुकसान हुआ और ऐसे समय में निधि का महत्व और बढ़ गया था। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि विधायकों की ऐच्छिक निधि समय पर नहीं दी जा रही है, जिससे गरीब, बीमार और आपदा प्रभावित लोगों को मदद देने में कठिनाई हो रही है। विपक्षी विधायकों ने बताया कि इससे उनकी विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत सभी क्षेत्रों में समान विकास नहीं हो पा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि परंपरा रही है कि विधायकों से विकास प्राथमिकताएं ली जाती हैं और पीडब्ल्यूडी तथा जल शक्ति विभाग में योजनाएं दर्ज होती हैं। लेकिन पिछले तीन वर्षों में विपक्षी विधायकों द्वारा दी गई प्राथमिकताओं की डीपीआर न तो बनाई गई है और न ही नाबार्ड को भेजी गई है। यदि कहीं डीपीआर बनी भी है, तो उसे रोक दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि इस वर्ष विधायक निधि की केवल दो किश्तें 55-55 लाख रुपये की जारी की गई हैं, जबकि शेष राशि रोक दी गई। कई मामलों में स्वीकृति पत्र मिलने के बावजूद ट्रेजरी स्तर पर भी भुगतान रोका गया है।
भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि सरकार को निर्देश दिए जाएं कि विधायक क्षेत्र विकास निधि और ऐच्छिक निधि तुरंत जारी की जाए और विपक्षी विधायकों की विकास प्राथमिकताओं की डीपीआर बनाकर नाबार्ड को भेजी जाए, ताकि सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
ज्ञापन सौंपने के समय नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ विधायक विपिन परमार, सतपाल सत्ती, विक्रम ठाकुर, रणधीर शर्मा, डीएस ठाकुर, राकेश चौहान, पवन काजल, सुखराम चौधरी, दिलीप ठाकुर, इंदर सिंह गांधी, डॉ. जनक राज, दीप राज कपूर, लोकेंद्र कुमार, प्रकाश राणा, रीना कश्यप, त्रिलोक जमवाल, इंद्र दत्त लखनपाल, सुरेंद्र शौरी, पूर्ण चंद, जीत राम कटवाल, हंस राज, बलबीर वर्मा सहित अन्य विधायक मौजूद रहे।















