Himachal News: सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बीजेपी पर जानकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह बात स्पष्ट करनी चाहिए कि वह प्रदेश को आरडीजी मिलने के पक्ष में हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि डॉ. परमार के समय से प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलता रहा, लेकिन 16वें वित्तायोग ने 77 साल पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया। राजस्व घाटा अनुदान सरकार का नहीं, प्रदेश के लोगों का अधिकार है। सीएम सुक्खू ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान सरकार का नहीं, प्रदेश के लोगों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही है।
सुक्खू ने कहा कि भाजपा नेताओं की मांग पर सर्वदलीय बैठक का स्थान बदला गया लेकिन हिमाचल के हितों के लिए भाजपा खड़ी नहीं हुई, जबकि अन्य सभी दलों ने राजस्व घाटा अनुदान पर राज्य सरकार को समर्थन दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में जब उन्होंने भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वह हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को प्रदेश को 10 हजार करोड़ रुपए की कटौती का मुद्दा प्रदेश की जनता के समक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग कोई खैरात नहीं मांग रहे, यह हिमाचल प्रदेश का हक है। राज्य सरकार अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी और इसमें लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री के पास जाकर राजस्व घाटा अनुदान बहाल कराएं।
सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को पांच वर्षों में 70 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि मिली लेकिन उन्होंने इसका सदुपयोग नहीं किया। अगर पूर्व भाजपा सरकार ने इस पैसे का सदुपयोग किया होता तो प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपए का कर्ज और 10 हजार करोड़ रुपए की देनदारियां नहीं होती।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने एक हजार करोड़ के भवन सिर्फ मित्रों को खुश करने के लिए बना दिए, जबकि वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन रात प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा ‘‘कुछ भी हो, मैं चुनौतियों का मुकाबला करने और जीतने की क्षमता रखता हूं।’’















