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Himachal Financial Situation: खराब वित्तीय स्थिति पर बोले सीएम सुक्खू, हम केंद्र से मांग रहे हैं केवल अपना अधिकार..!

Himachal Financial Situation: खराब वित्तीय स्थिति पर बोले सीएम सुक्खू, हम केंद्र से मांग रहे हैं केवल अपना अधिकार..!

CM Sukkhu on Himachal Financial Situation: हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर पुरे देश में सियासत जोरों पर है। मुख्यमंत्री द्वारा दो महीनों तक मंत्रिमंडलीय सहयोगियों सहित मुख्य संसदीय सचिवों के साथ-साथ सरकार में कैबिनेट दर्जा प्राप्त आठ सलाहकारों व सार्वजनिक उपक्रमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों के वेतन व भत्तों को विलंबित करने की घोषणा पर प्रदेश के मीडिया सहित नेशनल मीडिया सरकार की खिंचाई शुरू कर दी।

वहीँ हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हम केवल केंद्र से अपने अधिकार मांग रहे हैं। जब सुधार किए जाते हैं तो इस तरह के फैसलों से थोड़े समय के लिए रुकावट आती है इसका अर्थ ये नहीं है कि प्रदेश में आर्थिक संकट है। उन्होंने कहा कि हम व्यवस्थित ढ़ंग से वित्तीय व्यवस्था को ठीक कर रहे हैं। हम वित्तीय अनुशासन में रहकर आगे बढ़ना चाहते हैं।

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मुख्यमंत्री, मंत्रियों, मुख्य संसदीय सचिव और बोर्ड निगमों के अध्यक्षों ने अगले दो महीनों के लिए अपने वेतन और भत्ते न लेने का फैसला लेने से हमारा मतलब जागरुक करने से है, जो बिजली का बिल भर सकता है उसे बिजली बिल मुफ्त क्यों दिया जाए? जो पानी का बिल भर सकता है उसे क्यों मुफ्त पानी दिया जाए। भाजपा सरकार ने जून 2022 में सभी का पानी का बिल माफ कर दिया लेकिन आप फाइव स्टार होटलों को मुफ्त पानी और सब्सिडी में बिजली दे रहे हैं जो उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि हमने 75 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनरों का डीए के एरियर की एकमुश्त क़िस्त दी है। अन्य कर्मचारियों को भी उनका हक़ देना है। इसके आलावा किसान बागवान और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ देनी है तो उसमे पैसों की जरूरत पड़ेगी और हम इसके लिए व्यवस्था में सुधार कर रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि हम केंद्र से अपना अधिकार मांग रहे हैं जिसमे हमारे कर्मचारियों का 9200  करोड़ NPS का इसके अलावा 9300 करोड़ रूपये पीडीएनए का और 4300 करोड़ बीबीएमबी से शेयर मिलाना है जिसपर सुप्रीमकोर्ट ने भी अपना फैसला दिया है।

Himachal Financial Situation

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