Dr Omesh Bharti Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ओमेश भारती को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने उन्हें मलेरिया और उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग (NTD) विभाग की 18 सदस्यीय पर्यवेक्षी समिति में शामिल किया है। यह उच्च स्तरीय समिति दुनिया भर में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन करने और उनकी समीक्षा करने का कार्य करेगी।
डॉ. ओमेश भारती इस समिति में ‘स्वतंत्र विशेषज्ञ’ के तौर पर उपेक्षित पशुजन्य रोगों के मामलों पर अपनी सेवाएं देंगे। समिति का मुख्य उद्देश्य NTD रोडमैप 2021–2030 के तहत चल रही स्वास्थ्य योजनाओं की निरंतर निगरानी करना है। यह टीम यह सुनिश्चित करेगी कि वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रम अपने निर्धारित लक्ष्यों और समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। वैश्विक स्वास्थ्य मंच पर डॉ. भारती का चयन भारत की विशेषज्ञता को एक नई मजबूती प्रदान करने वाला माना जा रहा है।
डॉ. भारती की यह उपलब्धि उनके पूर्व के शोध कार्यों का परिणाम है, विशेषकर रेबीज के उपचार में उनके योगदान को विश्व स्तर पर सराहा गया है। उनके द्वारा विकसित किए गए रेबीज उपचार के किफायती और प्रभावी तरीकों के आधार पर ही वर्ष 2018 में WHO ने अपने अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों में महत्वपूर्ण बदलाव किए थे। उनके इस कार्य से न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में कुत्ते के काटने के मामलों में इलाज की दिशा में एक बड़ा बदलाव आया है।
उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक अनुभव की बात करें तो डॉ. ओमेश भारती ने एमबीबीएस के बाद एपिडेमियोलॉजी (महामारी विज्ञान) में मास्टर डिग्री हासिल की है। वे वर्ष 1993 से हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। वर्तमान में वे शिमला स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर में राज्य महामारी विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान टीबी, सर्पदंश और अन्य संक्रामक रोगों के नियंत्रण के लिए भी उल्लेखनीय कार्य किया है।
डॉ. ओमेश भारती की प्रतिभा और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2019 में प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ सम्मान से नवाजा था। इसके अतिरिक्त उन्हें कई अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके द्वारा किए गए शोध कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं और वे विश्व के विभिन्न देशों में स्वास्थ्य विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दे चुके हैं।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले डॉ. भारती की इस नियुक्ति से राज्य में हर्ष का माहौल है। प्रदेश के लिए यह एक गौरवपूर्ण अवसर है, जो यह प्रमाणित करता है कि हिमाचल के चिकित्सक और विशेषज्ञ वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान निकालने में पूरी तरह सक्षम हैं। डॉ. भारती का यह सफर न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव का भी प्रतीक है।
















