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Himachal Budget 2026: जयराम ठाकुर बोले -”सप्लीमेंट्री बजट ने खोली सुक्खू सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की पोल’

HP Supplementary Budget 2026: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के सप्लीमेंट्री बजट को सरकार की आर्थिक नाकामी का प्रमाण पत्र बताते हुए कहा कि 70% अनुपूरक बजट वित्तीय अनुशासन की धज्जियां उड़ा रहा है। पढ़ें हिमाचल की गिरती अर्थव्यवस्था पर पूरी रिपोर्ट।
Himachal Budget 2026: जयराम ठाकुर बोले -''सप्लीमेंट्री बजट ने खोली सुक्खू सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की पोल'
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Himachal Budget 2026: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस बजट के मुख्यमंत्री के मुख्यमंत्री के तीन प्रिय शब्दों ‘फिस्कल प्रुडेंस, फिस्कल मैनेजमेंट, फिस्कल डिस्पीलीन और व्यवस्था परिवर्तन की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। सीएम सुक्खू ने गत वर्ष बजट पेश करने के पहले कहा था कि वह सबसे ज़्यादा पढ़ने वाले वित्त मंत्री हैं।

उन्होंने इतिहास बना दिया। बजट अनुमान पूरी तरह से गलत साबित हुए, सब कुछ हवा हवाई है। बजट का मूल उद्देश्य ही यथार्थवादी अनुमान लगाना होता है। 70% अतिरिक्त खर्च बताता है कि सरकार को अपने ही आंकड़ों पर भरोसा नहीं था। यह साफ संकेत है कि सरकार अपनी ही वित्तीय योजना बनाने में विफल रही।

अनुपूरक बजट में तीन मुख्य अवयव होतें हैं, पहला पुनर्नियोजन, दूसरा अतिरिक्त खर्च, तीसरा भविष्य के अनुमान लगाने में चूँक। सरकार बताए यह अतिरिक्त धनराशि कहाँ से आएगी? क्या जनकल्याण कारी योजनाएं बंद हुई? या सरकार प्रदेश के खर्च अनुमान लगाने में नाकाम रही। या सरकार ने फिजूल खर्ची की।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बजट में न फिस्कल मैनेजमेंट है न फिस्कल डिस्पलीन और प्रूडेंस और न ही कोई व्यवस्था है। यहाँ सिर्फ और सिर्फ़ अव्यवस्था है।। इतना बड़ा अनुपूरक बजट यह बताता है कि खर्च पर कोई नियंत्रण नहीं है और सरकार बिना योजना के पैसे खर्च कर रही है। यह अनुपूरक बजट ही मुख्य बजट सरकार की आर्थिक नाकामी का प्रमाण पत्र है।

गत वर्ष का कैपिटल एक्सपेंडिचर 3941 करोड़ जो पिछले बार से 37% कम है और कुल बजट का मात्र 3.98% है। इससे यह साफ़ है कि प्रदेश में विकास ठप है और सवाल यह उठता है 98 हज़ार 975 करोड़ रुपए आख़िर खर्च कहाँ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार सप्लीमेंट्री बजट के डॉक्यूमेंट्स भी उपलब्ध नहीं करवाया। क्योंकि उन्हें अपनी इस नाकामी का एहसास हो चुका था।

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