Himachal High Court on Himcare Pending Bills: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि हिमकेयर योजना के तहत अस्पतालों के लंबित बिलों का भुगतान 25 मार्च तक जरूर किया जाए। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने दो अस्पतालों की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया।
याचिका दायर करने वाले अस्पतालों में ऊना का मातृ मेडिसिटी एंड आर्थोकेयर अस्पताल और कांगड़ा जिले के बीरता स्थित डॉ. नीना पाहवा प्रसूति गृह हैं। इन अस्पतालों का कहना है कि हिमकेयर योजना के तहत उनके जमा किए गए बिल पहले ही मंजूर हो चुके हैं, लेकिन सरकार अब तक पैसे नहीं दे रही है। इससे अस्पतालों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पतालों ने कोर्ट को बताया कि उनके बिल हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना सोसायटी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने स्वीकृत बिलों का भुगतान नहीं किया। अस्पताल हिमकेयर योजना में शामिल पैनल के सदस्य हैं, इसलिए उन्हें मरीजों को बिना नकद के इलाज देना पड़ता है। लेकिन जब उनके बिलों का भुगतान नहीं होता, तो उनके सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाती है।
कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार के स्वास्थ्य सचिव को नोटिस जारी किया है। सरकार को तीन हफ्तों के अंदर अपना जवाब दाखिल करना होगा। कोर्ट ने साफ कहा है कि स्वीकृत बिलों का भुगतान न करना उचित नहीं है।
बता दें कि हिमकेयर योजना 29 दिसंबर 2018 में जय राम सरकार में शुरू हुई थी। इस योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों में हर परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। अस्पतालों का कहना है कि योजना के नियमों के अनुसार उन्होंने सभी बिल सही तरीके से जमा किए और वे मंजूर भी हो गए, लेकिन फिर भी सरकार ने पेमेंट नहीं किया।
बता दें कि हाईकोर्ट का यह फैसला उन सभी अस्पतालों के लिए राहत की खबर है जिन अस्पतालों ने हिमकेयर योजना के तहत सेवाएं देते हुए मरीजों का इलाज किया था, जिसके बिल अभी भी लंबित पड़े हैं। अब देखना यह है कि सरकार निर्धारित समय तक बिलों का भुगतान करती है या नहीं।



















