Himachal News Today: हिमाचल प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग की सबसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित कुर्सी पर लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर महिला नेतृत्व की वापसी हुई है। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी सुनीता सिंह को पदोन्नत कर नियमित आधार पर उच्च शिक्षा निदेशक नियुक्त किया गया है।
जारी अधिसूचना के मुताबिक, सुनीता सिंह इस नियुक्ति से पहले अतिरिक्त निदेशक (कॉलेज) के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। उन्हें पदोन्नत करते हुए तत्काल प्रभाव से उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक की नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई है। शिक्षा विभाग के इतिहास में इस शीर्ष पद तक पहुंचने वाली वह दूसरी महिला अधिकारी बन गई हैं।

विभाग के प्रशासनिक इतिहास पर नजर डालें तो करीब 18 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद किसी महिला अधिकारी को यह जिम्मेदारी मिली है। सुनीता सिंह से पहले वर्ष 2005 में डॉ. अनीता राव को उच्च शिक्षा निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया था। डॉ. अनीता राव ने 13 जून 2005 से लेकर 4 जनवरी 2008 तक इस पद पर कार्य किया था। उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद से इस पद पर लगातार पुरुष अधिकारियों की ही तैनाती की जा रही थी।
उच्च शिक्षा विभाग के पूरे इतिहास में अब तक केवल दो महिलाओं को ही निदेशक के इस सर्वोच्च पद पर पहुंचने का अवसर मिल सका है। इस लिहाज से प्रशासनिक हलकों में सुनीता सिंह की इस नियुक्ति को विभाग के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था में महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने वाला है। यह फैसला प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और ठोस संदेश देता है।
सुनीता सिंह के पास उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का एक लंबा और समृद्ध प्रशासनिक अनुभव है। शिक्षा जगत को उम्मीद है कि उनके इस व्यापक अनुभव और कार्यकुशलता के चलते विभाग को एक नई कार्यशैली मिलेगी। इसके साथ ही आगामी दिनों में उच्च शिक्षा क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक समन्वय स्थापित करने में भी बड़ी मदद मिलेगी। उनकी इस तैनाती को विभाग के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
















