Himachal Paper Leak Case ED Investigation: हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (HPSSC) हमीरपुर के बहुचर्चित भर्ती परीक्षा पेपर लीक और कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय मोड में आ गई है। इस संवेदनशील मामले में ईडी अब सीधे न्यायालय के माध्यम से संबंधित जांच रिकॉर्ड और दस्तावेज जुटाने में लगी हुई है।
इससे पहले वर्ष 2023 में भी ईडी ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (विजिलेंस) से कुछ प्राथमिकियों (FIR) का रिकॉर्ड हासिल किया था। वर्तमान समय में अधिकांश मामलों में विजिलेंस की ओर से अदालत में चालान पेश किए जा चुके हैं, जिसके बाद ईडी द्वारा कोर्ट के जरिए पुनः रिकॉर्ड मांगने की इस प्रक्रिया को कानूनी एवं जांच की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिसंबर 2022 में उजागर हुआ था पहला मामला
कर्मचारी चयन आयोग में भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर उस वक्त गंभीर सवाल खड़े हो गए थे, जब दिसंबर 2022 में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA IT) पोस्ट कोड-965 की परीक्षा का पेपर लीक होने की बात सामने आई थी।
इस प्रकरण के अचानक उजागर होने के तुरंत बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था और राज्य सरकार व प्रशासन हरकत में आए थे। इसके उपरांत विजिलेंस ब्यूरो ने कड़ा संज्ञान लेते हुए विभिन्न पदों की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों और अनियमितताओं को लेकर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की थी।
मार्च 2025 तक कुल 16 एफआईआर दर्ज
विजिलेंस ब्यूरो की गहन छानबीन के दौरान कई प्रमुख पदों की चयन प्रक्रियाएं सीधे तौर पर जांच के घेरे में आ गईं। एएसपी विजिलेंस हमीरपुर मुनीष डढवाल ने इस बाबत जानकारी साझा करते हुए बताया कि जांच के दायरे में जेओए (आईटी), जूनियर ऑडिटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और ट्रैफिक इंस्पेक्टर सहित विभिन्न पदों की भर्ती प्रक्रियाएं शामिल रहीं।
विजिलेंस टीम ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया, जिसके तहत मार्च 2025 तक इस पूरे प्रकरण में कुल 16 एफआईआर दर्ज की जा चुकी थीं। दर्ज मामलों में से अधिकांश में विजिलेंस द्वारा अदालत के समक्ष आरोप पत्र यानी चालान पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं।
जांच अधिकारी ने की कोर्ट के जरिए रिकॉर्ड मांगने की पुष्टि
अदालत के माध्यम से ईडी द्वारा रिकॉर्ड मांगे जाने की स्थिति पर स्थिति स्पष्ट करते हुए विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने भी प्रतिक्रिया दी है। एएसपी विजिलेंस हमीरपुर मुनीष डढवाल के अनुसार, “न्यायालय के माध्यम से ईडी द्वारा रिकॉर्ड मांगे जाने की जानकारी मिली है।
दर्ज एफआईआर में से अधिकांश मामलों में अदालत में चालान पेश किए जा चुके हैं और मामले में आगे की जांच जारी है।” अधिकारियों का कहना है कि दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आए हैं, उनके तहत नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया से फिर तेज हुईं चर्चाएं
अदालत के जरिए केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी द्वारा दोबारा दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाने की खबर सामने आने के बाद प्रदेश में इस भर्ती घोटाले की चर्चाएं एक बार फिर से गर्म हो गई हैं। हालांकि, कानूनी जानकारों और उपलब्ध जानकारी के अनुसार केवल कोर्ट के माध्यम से रिकॉर्ड जुटाने की इस प्रारंभिक प्रक्रिया के आधार पर फिलहाल किसी नए निष्कर्ष या किसी ठोस प्रशासनिक/कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती है।
इस पूरे मामले में जहां एक तरफ विजिलेंस की जांच विभिन्न स्तरों पर जारी है और कानूनी प्रक्रिया चल रही है, वहीं ईडी की ओर से फिलहाल उपलब्ध तथ्य यही दर्शाते हैं कि दस्तावेज न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही मांगे गए हैं।




















