Himachal Politics: सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और गत तीन वर्ष संघर्षपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजनीतिक आपदा, आर्थिक आपदा और प्राकृतिक आपदा का सामना किया है।
राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायकों ने ऑपरेशन लोटस के जरिए सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया लेकिन जनता ने 2027 तक सरकार चलाने का फिर से आशीर्वाद कांग्रेस पार्टी को दिया। उन्होंने कहा कि आज आर्थिक रूप से हिमाचल प्रदेश का गला घोंटने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 1952 से मिल रहे राजस्व घाटा अनुदान को केंद्र सरकार ने खत्म कर दिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सर्वदलीय बैठक बुलाई लेकिन भाजपा ने उस बैठक से भी वॉकआउट किया। विधानसभा से वॉकआउट तो सुना था, लेकिन सर्वदलीय बैठक से पहली बार वॉकआउट हुआ है। उन्होंने कहा कि बैठक में साफ तौर पर दिखा कि भाजपा किस प्रकार से गुटों में बंटी हुई है।
सर्वदलीय बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पहले अकेले वॉकआउट कर गए जबकि पांच विधायक बैठक में बैठे रहे। काफी देर तक दुविधा में रहने के बाद नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के अन्य विधायक बाहर निकले। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश हित की बात हो तो राजनीति दलों को विचारधारा से ऊपर उठ कर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हिमाचल प्रदेश की जनता और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता चट्टान की तरह खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह भी व्यवस्था परिवर्तन का हिस्सा है जब विपक्ष के विधायक को मंच से बोलने का अवसर मिल रहा है। जबकि भाजपा सरकार के समय तो बैठने के लिए भी जगह नहीं मिलती थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आम जनता के दर्द को समझते हैं, इसलिए वह विपक्ष के विधायकों वाले विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर वहां विकास की गति को बढ़ा रहे हैं, जबकि जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो कांग्रेस विधायकों वाले विस क्षेत्रो में विकास की गति को धीमा कर दिया जाता था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों को मुख्यमंत्री के रूप में सशक्त नेता मिला है और वह केंद्र के साथ भी अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से लड़ रहे हैं।















