साइड स्क्रोल मेनू

Himachal RDG Controversy: RDG के समर्थन में नहीं भाजपा विधायक, विरोध में सदन में किया हंगामा – सीएम सुक्खू

सीएम सुक्खू ने कहा ने कि भाजपा का असली चेहरा अब सबके सामने आ गया है। जिसने प्रदेश की संपदा को लूटा, आज वही सदन में दहाड़ रहा है। पिछली सरकार में इन्होने अपने पूंजीपति मित्रों को खुश करने के लिए राज्य की दौलत दोनों हाथों से उड़ा दी।
Himachal RDG Controversy: RDG के समर्थन में नहीं भाजपा विधायक, विरोध में सदन में किया हंगामा - सीएम सुक्खू
Preferred_source_publisher_button.width-500.format-webp

Himachal RDG Controversy: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आरडीजी के मुद्दे पर बुधवार को बड़ा हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने राजस्व घाटे की भरपाई (आरडीजी) के सरकारी संकल्प का समर्थन करने के बजाय विरोध किया और सदन में शोर-शराबा मचाया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नियम-102 के तहत लाए गए संकल्प पर चर्चा के दौरान जवाब देते हुए भाजपा को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के 15वें और 16वें वित्त आयोग के सामने दिए बयान सदन में पढ़कर सुनाए।  उन्होंने  बताया कि इन बयानों में जयराम ठाकुर ने आरडीजी को हिमाचल के लिए बहुत जरूरी बताया था। लेकिन अब सदन में वे इसका विरोध कर रहे हैं। इससे उनकी बातों और कामों में बड़ा अंतर साफ दिखाई दिया। जयराम ठाकुर सदन में बुरी तरह घिर गए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष से चार बार मुलाकात की। इन बैठकों में आरडीजी की टेपरिंग से हुए नुकसान की बात उठाई गई। केंद्र ने आश्वासन दिया है कि 2026 से 2031 तक आरडीजी की राशि को एक समान रखने की कोशिश की जाएगी।

इसे भी पढ़ें:  Himachal News: हिमाचल में पुलिस बनाम पुलिस की तीखी जंग, एसपी संजीव गांधी के इन सनसनीखेज आरोपों ने प्रदेश में मचाई खलबली..!

उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले पांच साल में पूर्व भाजपा सरकार ने अपने संसाधनों से 55,564 करोड़ रुपये कमाए, जबकि हमारी सरकार ने सिर्फ तीन साल में 50,030 करोड़ रुपये कमाए। पूर्व सरकार के समय प्रदेश की हालत बहुत खराब हुई। हमारी सरकार ने व्यवस्था में बदलाव लाकर इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा सरकार को आरडीजी और जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में 70 हजार करोड़ रुपये मिले थे। हमारी सरकार को सिर्फ 17 हजार करोड़ रुपये ही मिले। इसके बावजूद हमने जनकल्याण की कई योजनाएं शुरू कीं और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू की। हम आत्मनिर्भर हिमाचल बनाने की सोच के साथ काम कर रहे हैं। जीएसटी के कारण जून 2022 के बाद राज्य को 18,239 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

इन आंकड़ों को सुनकर विपक्ष तिलमिला उठा। भाजपा विधायक वेल में पहुंच गए और जोर-जोर से नारे लगाने लगे। दोनों तरफ से हंगामा बढ़ने पर स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया को सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए रोकनी पड़ी। शाम 5:35 बजे सदन फिर शुरू हुआ, लेकिन भाजपा विधायकों ने दोबारा गतिरोध पैदा कर दिया।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल में सरकार ने दुकानें खोलने और बंद होने का समय किया तय, जानें क्या होगी टाइमिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी हिमाचल प्रदेश का हक का मुद्दा है। भाजपा विधायकों को इसका समर्थन करना चाहिए। उनके दल ने कहा कि वे संकल्प के साथ हैं। लेकिन विपक्षी विधायक खुद शोर मचाते हुए वेल में खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि भाजपा का असली चेहरा अब सबके सामने आ गया है। जिसने प्रदेश की संपदा को लूटा, आज वही सदन में दहाड़ रहा है। पिछली सरकार में भाजपा ने अपने पूंजीपति मित्रों को खुश करने के लिए राज्य की दौलत दोनों हाथों से उड़ा दी।

Join WhatsApp

Join Now