Himachal Secretariat Employees Demand Five Day Week: हिमाचल प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर इस संबंध में एक मांग पत्र सौंपा है। कर्मचारियों का तर्क है कि सप्ताह में दो दिन का अवकाश मिलने से न सिर्फ उनकी कार्यक्षमता में सुधार होगा और मानसिक तनाव कम होगा, बल्कि राज्य सरकार के खजाने को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा।
सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मियां ने बताया कि देश के पांच राज्यों और केंद्र सरकार के कार्यालयों में यह व्यवस्था पहले से ही सफलतापूर्वक चल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले भी इस मांग पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया था, इसलिए कर्मचारी इस उम्मीद में हैं कि सरकार जल्द ही इस पर कोई फैसला लेगी।

हर दिन एक घंटा अतिरिक्त काम करने को तैयार
कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट किया है कि फाइव-डे वीक लागू होने पर वे काम के घंटों में किसी तरह की कटौती नहीं चाहते। राजेंद्र सिंह मियां ने कहा कि सचिवालय के कर्मचारी सप्ताह में पांच दिन प्रतिदिन एक घंटा अतिरिक्त कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने समय सारणी का सुझाव देते हुए कहा कि दफ्तरों का समय सुबह 9:30 से शाम 5:30 या 6:00 बजे तक किया जा सकता है। इससे प्रतिदिन करीब डेढ़ घंटा अतिरिक्त मिलेगा, जिससे वर्किंग आवर्स का कोटा आसानी से पूरा हो जाएगा।
सालाना 100 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान
संगठन ने इस व्यवस्था से सरकार को होने वाले वित्तीय लाभ का एक खाका भी पेश किया है। कर्मचारियों के अनुसार, दो दिन दफ्तर बंद रहने से हिमाचल प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में बिजली और पानी के खर्च में भारी कटौती होगी। इसके अलावा, सरकारी बेड़े की लगभग 5000 गाड़ियों के ईंधन पर होने वाला खर्च भी बचेगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि प्रति गाड़ी रोजाना 500 रुपये के ईंधन का भी अनुमान लगाया जाए, तो सालभर में चार अतिरिक्त छुट्टियों के हिसाब से यह बचत काफी बड़ी हो जाती है। संगठन का दावा है कि इन सभी बचतों को मिलाकर सरकार को हर साल लगभग 100 करोड़ रुपये का सीधा फायदा होगा, जिससे जीएसटी और रोजगार के मोर्चे पर भी सकारात्मक असर दिखेगा।
रिक्त पदों को भरने और भत्ते की भी मांग
फाइव-डे वीक के अलावा सचिवालय कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री के सामने कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक मांगें भी रखी हैं। संगठन ने सचिवालय में लिपिक (क्लर्क) वर्ग के खाली पड़े 223 पदों को जल्द से जल्द भरने की अपील की है। साथ ही, साल 2025 में नियुक्त किए गए 87 ट्रेनी कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति की तारीख से ही सचिवालय भत्ता प्रदान करने की मांग उठाई गई है। इसके अलावा, विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत उन कर्मचारियों को भी यह सुविधा देने का आग्रह किया गया है जो अब तक सचिवालय भत्ते से वंचित हैं।


















