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Himachali Viral Weddings: हिमाचली लड़कियों को भा रहे विदेशी दूल्हे, “जोड़ियां भगवान ने बनाई होती हैं” – एक बार फिर सच साबित हुआ..

Himachal Bride Foreign Groom: हिमाचली लड़कियाँ अब सात समंदर पार के युवकों से शादी कर रही हैं। दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, न्यूजीलैंड और अमेरिका तक फैले ये प्रेम कहानियाँ सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं, बल्कि दो देशों, दो संस्कृतियों और दो महाद्वीपों का सुंदर संगम बन गई हैं।
Himachali Viral Weddings: हिमाचली लड़कियों को भा रहे विदेशी दूल्हे, “जोड़ियां भगवान ने बनाई होती हैं” - एक बार फिर सच साबित हुआ..

Himachali Viral Weddings: “जोड़ियां भगवान ने बनाई होती हैं”,  यह कहावत एक बार फिर हिमाचल प्रदेश की वादियों में साकार होती नजर आई है। बदलते दौर में जहां सीमाएं और संस्कृतियां एक-दूसरे के करीब आ रही हैं, वहीं हिमाचली लड़कियों का विदेशी दूल्हों के साथ विवाह अब एक नई सामाजिक प्रवृत्ति बनता दिख रहा है। हालांकि हिमाचल की बेटियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीवनसाथी का चयन करना केवल व्यक्तिगत निर्णय है।

ताज़ा मामला जिला हमीरपुर के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के कक्कड़ गांव से सामने आया है, जहां एक बेटी ने सात समंदर पार साउथ अफ्रीका के युवक को अपना जीवनसाथी चुना। जानकारी के मुताबिक कक्कड़ गांव में मंगलवार को रुकमणी, जो सविता देवी और पृथी सिंह की पुत्री हैं, ने साउथ अफ्रीका के जेफ्ते नडाला के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह रचाया।

इस शादी की खास बात यह रही कि अलग-अलग देशों और धर्मों से ताल्लुक रखने वाले इस जोड़े ने भारतीय परंपराओं के अनुसार सात फेरे लिए और एक-दूसरे के साथ जीवनभर का वचन निभाने का संकल्प लिया। रुकमणी हिंदू परिवार से संबंध रखती हैं, जबकि जेफ्ते नडाला ईसाई धर्म से हैं। लेकिन इस रिश्ते में धर्म कभी बाधा नहीं बना।

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बताया जा रहा है कि दोनों की प्रेम कहानी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में शुरू हुई, जहां वे एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ाई के दौरान दोस्ती प्यार में बदली और फिर यह रिश्ता शादी के मुकाम तक पहुंच गया। आज दोनों यूएसए में नौकरी करते हैं और वहीं रहते हैं।

इस शादी में विदेशी रंग भी देखने को मिला। जेफ्ते नडाला का परिवार, जिसमें उनकी माता, बहनें और अन्य रिश्तेदार शामिल थे, साउथ अफ्रीका से खास तौर पर इस विवाह में शामिल होने के लिए हिमाचल पहुंचे। रुकमणी के चाचा प्रकाश चंद के अनुसार, दोनों परिवार इस रिश्ते से बेहद खुश हैं और इसे दो देशों की संस्कृति के मिलन के रूप में देखा जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है जब हिमाचल में विदेशी दूल्हों के साथ शादियां चर्चा में आई हों। इससे पहले सिरमौर जिले में भाजपा नेता की बेटी रशिका नेगी ने श्रीलंका मूल के दूमिन्दु विथानागे से विवाह किया था। यह शादी भी हिंदू रीति-रिवाजों से संपन्न हुई, जिसमें दूल्हे को सात वचनों का अर्थ अनुवाद के जरिए समझाया गया। दोनों न्यूजीलैंड में नौकरी करते हैं और वहीं से बारात हिमाचल पहुंची थी।

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इसी तरह कांगड़ा जिले में पर्वतारोही अंजलि शर्मा ने दक्षिणी अफ्रीका के युवक यवेस काजियुका से विवाह कर एक और अंतरराष्ट्रीय रिश्ते की मिसाल पेश की। यह दर्शाता है कि शिक्षा, करियर और वैश्विक संपर्कों के बढ़ने से हिमाचल की बेटियां अब अपने जीवनसाथी का चयन सीमाओं से परे जाकर कर रही हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे विवाह न केवल दो व्यक्तियों को जोड़ते हैं, बल्कि दो अलग-अलग संस्कृतियों, परंपराओं और देशों के बीच सेतु का काम भी करते हैं। हालांकि कई लोगों में इस तरह शादियों को लेकर भी खूब चर्चा होती रहती है।

आज के समय में यह साफ है कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती, न देश की, न धर्म की। हिमाचल की इन बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि जब रिश्ते दिल से बनते हैं, तो दुनिया की कोई भी दूरी उन्हें अलग नहीं कर सकती। दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, न्यूजीलैंड और अमेरिका तक फैली ये प्रेम कहानियाँ सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं, बल्कि दो देशों, दो संस्कृतियों और दो महाद्वीपों का सुंदर संगम बन गई हैं।

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बता दे कि हिमाचल प्रदेश केवल अंतरराष्ट्रीय शादियों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनूठी पारंपरिक विवाह प्रथाओं के कारण भी समय-समय पर चर्चा में रहता है। बीते वर्ष प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में दो भाईयों द्वारा एक ही लड़की से शादी करने की खबर ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं। यह परंपरा मुख्य रूप से सिरमौर के गिरिपार  और किन्नौर सहित कुछ ऊपरी हिमालयी इलाकों में देखने को मिलती है, जिसे ‘पॉलीएंड्री’ (बहुपति प्रथा) कहा जाता है।

इस प्रथा के पीछे सामाजिक और आर्थिक कारण बताए जाते हैं, जैसे परिवार की जमीन का बंटवारा रोकना और पारिवारिक एकता बनाए रखना। हालांकि आधुनिक समय में यह प्रथा काफी हद तक कम हो चुकी है, लेकिन कभी-कभार ऐसे मामले सामने आने पर यह फिर चर्चा का विषय बन जाती है।

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