HP Panchayat Election: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनावों को लेकर आरक्षण रोस्टर जारी करने की नई समय सीमा तय कर दी गई है। दरअसल, प्रदेश की 3757 पंचायतों के लिए अब आरक्षण रोस्टर 7 अप्रैल तक जारी किया जाएगा। बता दें कि इससे पूर्व, विभाग ने इसे 31 मार्च तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन कानूनी अड़चनों और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के कारण इस प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ा है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में 196 नई पंचायतों का गठन किया था, जिससे कुल पंचायतों की संख्या बढ़कर 3773 हो गई थी। हालांकि, इन नई पंचायतों में से 16 के पुनर्गठन और सीमांकन की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय निवासियों ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, हाईकोर्ट ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करने के आधार पर इन 16 पंचायतों के पुनर्गठन को अवैध घोषित कर दिया और इन्हें पुरानी स्थिति में बहाल करते हुए चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद पंचायती राज विभाग के समक्ष यह तकनीकी प्रश्न खड़ा हो गया था कि क्या यह आदेश केवल याचिका से जुड़ी पंचायतों पर लागू होगा या 13 फरवरी के बाद अधिसूचित सभी नई पंचायतों पर। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विभाग ने इस संबंध में महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) से कानूनी राय ली। महाधिवक्ता ने स्पष्ट किया है कि अदालत का फैसला केवल उन्हीं पंचायतों पर प्रभावी होगा, जो इस याचिका का हिस्सा थीं। इस स्पष्टीकरण के बाद अब विभाग ने सभी उपायुक्तों (DC) को नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
38 पंचायतों का रोस्टर होगा प्रभावित
पंचायती राज विभाग के सचिव द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 16 पंचायतों के पुरानी स्थिति में लौटने से कुल 38 पंचायतों का चुनावी समीकरण और आरक्षण रोस्टर सीधे तौर पर प्रभावित होगा। उपायुक्तों को अब इन परिवर्तनों के आधार पर दोबारा गणना कर 7 अप्रैल तक संशोधित रोस्टर सार्वजनिक करने को कहा गया है।




















